जबलपुर। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के प्रस्तावित विखंडन के विरोध में गुरुवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने छात्र नेता अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में कुलपति के नाम उपकुलसचिव अजय मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय की एकता एवं मूल स्वरूप को बनाए रखने की मांग की गई।
एनएसयूआई ने मांग की कि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की शीघ्र बैठक बुलाई जाए और उसमें सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया जाए कि कुलपति एवं कार्यपरिषद मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के किसी भी प्रकार के विखंडन का स्पष्ट रूप से विरोध करती है। साथ ही इस प्रस्ताव को मध्यप्रदेश शासन को भेजकर विश्वविद्यालय की एकता और स्वायत्तता को यथावत बनाए रखने का आग्रह किया जाए।
इस अवसर पर छात्र नेता अनुराग शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय जबलपुर प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का विखंडन विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के विपरीत होगा तथा इससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई विश्वविद्यालय के विखंडन का लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार विरोध करती रहेगी और विश्वविद्यालय की एकता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की एकता के समर्थन में नारेबाजी भी की। इस अवसर पर रिजवान अली कोटी, कपिल भोजक, सागर शुक्ला, अमित सोनकर, देवकी पटेल, शफी खान, अंकित शुक्ला, एजाज अंसारी, प्रतीक गौतम, अंकित कोरी, वकार खान, युग ठाकुर, अदील सैय्यद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


