राजनगर। मध्यप्रदेश के केरहा धाम राजनगर से छत्तीसगढ़ के सिद्ध बाबा मनेंद्रगढ़ तक निकली कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालु हर्षोल्लास के साथ शामिल हुए। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया।
करीब 15 किलोमीटर की इस कांवड़ यात्रा में एक दिव्यांग परी ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद नन्ही परी ने हिम्मत नहीं हारी और अपने मजबूत हौसले, आस्था और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पूरी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।
नन्ही परी के जज्बे को देखकर कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने उसकी जमकर सराहना की। उसने यह साबित कर दिया कि मंजिल तक पहुंचने के लिए शरीर से ज्यादा मजबूत हौसले की जरूरत होती है।
नन्ही परी के अदम्य साहस, हौसले और भक्ति को पूरे क्षेत्र का सलाम।


