जलस्तर 421.15 मीटर दर्ज, ग्वारीघाट, तिलवाराघाट और भेड़ाघाट में राहत
जबलपुर। रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश थमने और पानी की आवक कम होने के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं। शनिवार शाम 4:30 बजे बरगी बांध के सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे नर्मदा नदी में बांध से होने वाली अतिरिक्त जल निकासी भी थम गई है और तटीय क्षेत्रों में जलस्तर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटने लगा है।
बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार शनिवार शाम 4 बजे बांध का जलस्तर 421.15 मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान कैचमेंट एरिया से बांध में पानी की आवक घटकर लगभग 582 क्यूमेक रह गई थी। पानी की आवक नियंत्रित होने के बाद जलस्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए सभी गेट बंद करने का निर्णय लिया गया।
बरगी बांध का पूर्ण जलभराव स्तर (FRL) 422.76 मीटर है। ऑपरेशनल मैनुअल के निर्धारित मापदंडों के अनुसार 31 अगस्त तक बांध का जलस्तर 422.50 मीटर तक रखा जा सकता है। वर्तमान जलस्तर इस सीमा से नीचे होने तथा जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक कम होने के चलते बांध प्रबंधन ने फिलहाल गेट बंद कर दिए हैं।
नर्मदा तटों पर राहत
बरगी बांध के गेट बंद होने के बाद नर्मदा नदी में अतिरिक्त पानी की निकासी रुक गई है। इसका असर नदी के निचले और तटवर्ती क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। ग्वारीघाट, तिलवाराघाट और भेड़ाघाट सहित नर्मदा के विभिन्न तटों पर जलस्तर अब सामान्य होने लगा है।
पिछले दिनों लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खोले जाने के कारण नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। इसके चलते नदी के आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई थी। अब बारिश थमने, बांध में पानी की आवक कम होने और सभी गेट बंद किए जाने से स्थिति में सुधार आया है।
हालांकि, बांध के जलस्तर और कैचमेंट एरिया में बारिश की स्थिति पर अभी भी नजर रखी जा रही है। यदि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में दोबारा तेज बारिश होती है तो पानी की आवक के अनुसार बांध प्रबंधन को आगे निर्णय लेना पड़ सकता है। फिलहाल बरगी बांध के सभी गेट बंद हैं और नर्मदा तटों पर जलस्तर सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।


