शहपुरा आरओबी के वैकल्पिक मार्गों पर अब तक पूरी तरह अमल नहीं, बढ़ते वाहन दबाव से आए दिन हादसे
जबलपुर। शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के क्षतिग्रस्त एप्रोच के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए निर्णयों के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर जबलपुर– पाटन–शहपुरा मार्ग पर दिखाई दे रहा है। मार्ग पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव के चलते आए दिन यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं की स्थिति भी बन रही है।
मंत्री राकेश सिंह ने बैठक में तीन वैकल्पिक मार्गों को यातायात के अनुकूल बनाने, आवश्यक मरम्मत, रोड शोल्डर निर्माण, संकेतक और बैरिकेडिंग सहित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इनमें लगभग 36 किलोमीटर लंबा जबलपुर–पाटन–शहपुरा मार्ग मुख्य वैकल्पिक मार्ग है। इस मार्ग से भारी वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण सड़क की स्थिति और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग पर बढ़ते यातायात के अनुरूप अभी पर्याप्त व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रही हैं। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
विधायक अजय बिश्नोई ने जताई नाराजगी
पाटन विधायक अजय बिश्नोई ने भी मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जताते हुए लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्थिति के अनुरूप तत्काल कदम उठाने की जरूरत बताई है। विधायक की नाराजगी के बाद अब विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली और मंत्री के निर्देशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंत्री ने तीनों वैकल्पिक मार्गों की नियमित निगरानी और भारी वाहनों के दबाव के अनुसार तत्काल मरम्मत व सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इन निर्देशों को जमीन पर कब तक लागू करता है।
इधर, आरओबी निर्माण करने वाली एजेंसी मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.–मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। वहीं वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसके बावजूद अब चुनौती क्षतिग्रस्त आरओबी के स्थायी समाधान के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की है।


