जबलपुर। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को शराब दुकानों के बंद रहने के बीच अवैध शराब खपाने की तैयारी पर पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। रांझी और पाटन थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए करीब 7.50 लाख रुपए कीमत की देशी-विदेशी शराब जब्त की। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है, जबकि रांझी मामले का मुख्य आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया।
रांझी में घर से बरामद हुई 112 पेटी शराब
रांझी पुलिस को सूचना मिली थी कि गांधी व्यायामशाला के पास बब्लू पटवा के घर में बड़ी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखी गई है। सीएसपी सतीश साहू के निर्देश और थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के नेतृत्व में पुलिस ने तीन टीमें गठित कर एक साथ दबिश दी। तलाशी के दौरान घर से 112 पेटी देशी-विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई गई है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान महेश यादव और जानी एंथेनी को गिरफ्तार किया। वहीं पुलिस के पहुंचने से पहले ही मकान मालिक बताए जा रहे बब्लू पटवा के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई और इसके पीछे किसका नेटवर्क है, इसकी भी जांच की जा रही है। मामले की जानकारी आबकारी विभाग को भी दी गई है।
पाटन में भूसे के बीच छिपाकर रखी थी शराब
इधर पाटन थाना पुलिस ने कटरा बेलखेड़ा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 33 पेटी यानी 1,650 पाव देशी शराब जब्त की। पुलिस को सूचना मिली थी कि कटरा बेलखेड़ा निवासी सुखदेव सिंह लोधी (30) और शुभम सिंह लोधी (20) बड़ी मात्रा में शराब लेकर ग्राहक के इंतजार में हैं।
पुलिस ने कटरा बेलखेड़ा बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर एक कमरे की तलाशी ली गई, जहां भूसा रखा हुआ था। भूसे के बीच शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। बरामद शराब की कीमत करीब 1.50 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
ड्राई डे पर खपाने की थी तैयारी?
पुलिस को आशंका है कि गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को शराब दुकानें बंद रहने के कारण अवैध रूप से शराब बेचने के लिए पहले से स्टॉक किया गया था। दोनों मामलों में पुलिस अब शराब की सप्लाई चेन और संभावित खरीदारों का पता लगाने में जुटी है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जब्त शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन क्षेत्रों में खपाने की तैयारी थी।


