नई दिल्ली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध जारी है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बीच रिटायर्ड जस्टिस लोकपाल सिंह ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को टारगेट नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में रिटायर्ड जस्टिस लोकपाल सिंह ने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों के वोटर बनने के मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों का वोटर बनना देश की व्यवस्था और मर्यादा के लिए उचित है? क्या इससे देश में अव्यवस्था नहीं फैलेगी? इन सभी बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में कई बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते हुए पाए गए। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या उनके पास वोटर आईडी भी है और क्या वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं, इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। रिटायर्ड जस्टिस लोकपाल सिंह ने कहा कि देश के अंदर संवैधानिक संस्था को टारगेट नहीं करना चाहिए। सीजेपी के लोग बोल रहे थे कि अभी हम ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेंगे और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों का इस्तीफा लेंगे। मैं समझता हूं कि इस देश में बोलने की आजादी है, इसलिए लोग बोलते हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी भी देश में इतनी बोलने की आजादी है।सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि नोटिस जारी करना एक प्रक्रिया है। जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके पास अपील करने का विकल्प भी है।


