अनूपपुर।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक के समाज कार्य विभाग द्वारा व्यावहारिक एवं क्षेत्र-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 9 अक्टूबर 2026 को महिला सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण विभाग जिला कलेक्ट्रेट, अनूपपुर का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण में विभिन्न राज्यों से आए समाज कार्य स्नातकोत्तर (MSW) के लगभग 45 विद्यार्थियों ने भाग लिया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल संरक्षण सेवाओं, महिला अधिकारों तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों के क्रियान्वयन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
इस अवसर पर सहायक संचालक, महिला सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण विभाग जिला अनूपपुर सुश्री मंजूषा शर्मा ने विद्यार्थियों को विभाग के कार्यों, योजनाओं एवं बाल संरक्षण और महिला कल्याण से संबंधित पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह, विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की समस्या, घरेलू हिंसा, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों और कल्याणकारी उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
सुश्री शर्मा ने विश्वविद्यालय को विभाग के साथ सहयोग करने तथा विद्यार्थियों के क्षेत्रकार्य, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से संयुक्त पहल करने के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों ने चर्चा में सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न कानूनी प्रावधानों, संरक्षण तंत्र तथा कमजोर एवं संवेदनशील परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों और महिलाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मीडिया प्रभारी एवं अधिवक्ता सुश्री सुमिता शर्मा ने महिला एवं बाल अधिकारों, कानूनी जागरूकता तथा संरक्षण संबंधी विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
इस शैक्षणिक भ्रमण में समाज कार्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमेश बी. एवं डॉ. अविनाश डाबी के साथ पीएचडी शोधार्थी जिनीमोल, सरन्या एवं आरती भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने सुश्री मंजूषा शर्मा एवं टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस भ्रमण से विद्यार्थियों को बाल संरक्षण एवं महिला कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत संस्थागत व्यवस्थाओं तथा समाज कार्य की सक्रिय भूमिका को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।


