अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से हवाई संपर्क प्रभावित होने की आशंका; चैंबर ने व्यापार और उद्योग पर असर जताते हुए वैकल्पिक रूट का सुझाव दिया
जबलपुर। इंदौर तक कम समय में पहुंचने के लिए सीधी विमान सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इंडिगो के नए विंटर शेड्यूल में जबलपुर–इंदौर उड़ान शामिल नहीं है। इस बदलाव से कारोबार, पढ़ाई, नौकरी और उपचार के लिए दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सड़क, रेल या दूसरे शहरों से होकर जाने वाली उड़ानों पर निर्भर होना पड़ सकता है।
सेवा बंद होने की तारीख को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। एक रिपोर्ट में 24 अक्टूबर से उड़ान बंद करने की जानकारी दी गई है, जबकि दूसरी में 25 अक्टूबर से लागू होने वाले विंटर शेड्यूल में इस रूट को जगह नहीं मिलने का उल्लेख है। इसलिए यात्रियों के लिए अंतिम संचालन दिवस और उसके बाद उपलब्ध विकल्पों पर एयरलाइन का स्पष्ट स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है।
जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने सेवा बंद होने पर चिंता जताई है। उनके अनुसार, इसका असर व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और उद्योग पर पड़ सकता है। उन्होंने सीधी सेवा समाप्त करने के बजाय जबलपुर–इंदौर–अहमदाबाद या जबलपुर–इंदौर–पुणे जैसे रूट शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि इंदौर के साथ अन्य शहरों तक भी संपर्क बना रहे।
परिचालन कारणों के संबंध में एक समाचार रिपोर्ट ने एयरलाइन अधिकारियों के हवाले से छोटे एटीआर विमान के रखरखाव को वजह बताया है। हालांकि, इस कारण और सेवा दोबारा शुरू होने की संभावित समय-सीमा की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। उसी रिपोर्ट के अनुसार, जबलपुर–हैदराबाद मार्ग पर छोटे विमान के स्थान पर अधिक क्षमता वाला विमान चलाने की तैयारी है।
नए शेड्यूल से जुड़ी रिपोर्ट में मुंबई की सीधी उड़ान फिर शामिल किए जाने की जानकारी भी है। इससे मुंबई जाने वालों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, लेकिन इंदौर की सेवा हटने से नियमित यात्रियों के लिए समय और खर्च बढ़ने की आशंका बनी हुई है।


