
बीजिंग, 20 जून | समूचे बीजिंग में, इस समय लोगों का शारिरिक तापमान जांच किया जाता है, अपने फोन पर एक हेल्थ क्यूआर कोड स्कैन करके दिखाना होता है कि आप बीमार तो नहीं हैं, या फिर किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में तो नहीं आए। इसके अलावा, आवासीय परिसर में जाने से पहले एक प्रवेश पास भी दिया जाता है।
इस समय बीजिंग में जो निवासी ‘मध्यम या उच्च जोखिम वाले’ क्षेत्रों में रहते हैं, वो अभी बीजिंग से बाहर नहीं जा सकते हैं, उनके बीजिंग छोड़ने पर प्रतिबंध है, जबकि अन्य लोग जो जोखिम क्षेत्र में नहीं रहते हैं, उनको अगर शहर से बाहर जाना हैं, तो अपना न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करवाना होगा।
दरअसल, शुरूआती दिनों में जब चीन में कोरोना वायरस फैल रहा था तब उस पर काबू हुपेई प्रांत और वुहान शहर में लॉकडाउन करके किया, और देश के तमाम प्रांतों व शहरों में लोगों की आवाजाही को परिसीमन किया। वुहान करीब छह हफ्तों तक लॉकडाउन रहा। वहां मैट्रो, बस, टैक्सी, एयरपोर्ट आदि सभी सार्वजनिक परिवहन बंद कर दिये, लोगों का घरों से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया, सभी रास्तों पर पुलिस तैनात कर दी, स्कूल, दुकानें, ऑफिस पूरी तरह से बंद कर दिये, जिसके चलते संक्रमण के फैलने में बेहद कमी आयी। असल में लॉकडाउन जैसा कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ी और लोग इस खतरे से बचने के लिए सतर्क भी हुए।
इस समय कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया में लगातार फैल रही है, और अब तो चीन की राजधानी बीजिंग में फिर से कोविड-19 के नया प्रकोप देखा जा रहा है, जिसे रोकने के लिए चीन को शायद अभी थोड़ा समय लग सकता है।
अभी कुछ दिनों पहले, जब 11 जून को कोरोना के कुछ नए मामले सामने आये थे, तबके बाद से चीन के शानतोंग, चच्यांग, ल्याओनिंग और हेइलोंगच्यांग प्रांत, यहां तक कि शांगहाई ने बीजिंग से यात्रा करने वालों के लिए पृथकवास उपायों के नये दिशा-निर्देश जारी किये।
(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप में पत्रकार हैं)


