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June 10, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

वुहान ने कोरोना के मामलों, मौतों संबंधी आंकड़े संशोधित किए

वुहान, 17 अप्रैल (आईएएनएस)| चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान शहर ने शुक्रवार को अपने कोरोनावायरस के कन्फर्म मामलों और मौतों की संख्या को संशोधित किया, जहां पिछले साल दिसंबर में वैश्विक कोरोनावायरस महामारी की उत्पत्ति हुई थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 16 अप्रैल तक वुहान में कोविड-19 मामलों की कुल संशोधित संख्या 325 बढ़कर 50,333 हो गई और मरने वालों की संख्या 1,290 बढ़कर 3,869 हो गई।

एक अधिसूचना में कोविड-19 महामारी रोकथाम और नियंत्रण के वुहान नगरपालिका मुख्यालय ने कहा कि संशोधन संबंधित कानूनों और नियमों के साथ-साथ इतिहास, लोगों और मृतक के लिए जिम्मेदार होने के सिद्धांत के अनुसार किए गए हैं।

आंकड़े संबंधी विसंगतियों के चार कारणों को अधिसूचना में सूचीबद्ध किया गया है :

महामारी के शुरुआती चरण में रोगियों की बढ़ती संख्या ने चिकित्सा संसाधनों और चिकित्सा संस्थानों में भर्ती की क्षमता को प्रभावित दिया। अस्पतालों में इलाज न होने से कुछ मरीजों की घर पर ही मौत हो गई।

मरीजों के उपचार के प्रयासों के दौरान अस्पताल अपनी क्षमताओं से परे काम कर रहे थे और रोगियों को बचाने और उनका इलाज करने के लिए चिकित्सा कर्मचारियों को पहले से तैयार किया गया था। नतीजतन, देरी से और गलत व भ्रामक रिपोर्टिग हुई।

कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए चिन्हित अस्पतालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ने के कारण वह महामारी सूचना नेटवर्क से नहीं जुड़ सका और सही समय पर आंकड़ों की रिपोर्ट करने में विफल रहे। इनमें मंत्रालय द्वारा संचालित हुबेई प्रांत, वुहान शहर और इसके जिले के चिन्हित अस्पताल, कंपनियों से संबद्ध, साथ ही निजी अस्पताल और अस्थायी अस्पताल और कुछ मेडिकल संस्थान शामिल हैं।

मृत रोगियों में से कुछ की पंजीकृत जानकारी अधूरी थी, और रिपोर्टिग में दोहराव और गलतियां थीं।

मुख्यालय के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि महामारी से संबंधित बड़े डेटा और महामारी विज्ञान संबंधी जांच के लिए एक समूह मार्च के अंत में गठित किया गया था।

अधिकारी ने कहा कि समूह ने ऑनलाइन सिस्टम से जानकारी इकट्ठी की और महामारी से संबंधित सभी स्थानों से पूरी जानकारी एकत्र की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर मामले के बारे में तथ्य सटीक हों और हर आंकड़ा वस्तुपरक और सही हो।

अधिकारी ने कहा, “महामारी के आंकड़ों के पीछे आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ ही सरकार की विश्वसनीयता भी जुड़ी होती है।”

उन्होंने आगे कहा कि अन्य चीजों के अलावा, आंकड़ों का समय पर संशोधन, हर एक जीवन के प्रति सम्मान दर्शाता है।

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