नई दिल्ली, 22 अगस्त ( आरएनएस) । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को ‘‘आप’’ तोड़कर भाजपा में आने के मिले ऑफर पर कहा कि दिल्ली में ऑपरेशन लोटस फेल हो गया। सीबीआई-ईडी रेड का शराब नीति और भ्रष्टाचार से कोई लेना नहीं है, यह रेड केवल दिल्ली में ‘‘आप’’ की सरकार गिराने के लिए की गई। जैसे इन्होंने दूसरे राज्यों में किया है। गुजरात में हमारी सरकार बनी तो हम यहां भी दिल्ली के जैसे सरकारी स्कूल और अस्पताल बनाएंगे। इसीलिए इन लोगों ने पहले मेरे स्वास्थ्य मंत्री को अंदर किया और अब शिक्षा मंत्री जेल भेजना चाहते हैं। इनका मकसद है कि दिल्ली में चल रहे शिक्षा और स्वास्थ्य के अच्छे काम बंद हो जाएं। उन्होंने कहा कि यह महाभारत की तरह है। इनके पास सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स, पुलिस, बहुत पैसा है और हमारे साथ श्रीकृष्ण भगवान हैं। जनता भगवान होती है और जनता हमारे साथ है। ये जितना मर्जी हमें परेशान कर लें। अंत में जीत सच्चाई और भगवान की होगी। वहीं, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि मेरे पास भाजपा का संदेश आया है कि ‘‘आप’’ तोड़कर भाजपा में आ जाओ, सारे सीबीआई-ईडी के केस बंद करवा देंगे। मेरा भाजपा को जवाब है कि मैं महाराणा प्रताप का वंशज हूं। राजपूत हूं, सिर कटा लूंगा, लेकिन भ्रष्टाचारियों व षणयंत्रकारियों के सामने झुकूंगा नहीं। मेरे खिलाफ सारे केस झूठे हैं, जो करना है, कर लो। इससे पहले, गुजरात के अहमदाबाद में प्रेस वार्ता कर ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने गुजरात की जनता को मुफ्त और शानदार स्वास्थ्य और शिक्षा की गारंटी दी। अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने गुजरात के हिम्मत नगर में एक टाउन हॉल मीटिंग को संबोधित किया। इस दौरान ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं अहमदाबाद से हिम्मत नगर आने के लिए निकले, तो सड़क के दोनों तरफ इतने लोग थे जैसा गुजरात के अंदर क्रांति आ रही है। ऐसा लग रहा था जैसे गुजरात अब बदलाव मांग रहा है। इसीलिए मनीष सिसोदिया के यहां सीबीआई की रेड हो रही है। 27 साल के भाजपा के गंदे शासन के बाद अब गुजरात बदलाव मांग रहा है। अभी तक गुजरात के पास विकल्प नहीं था। अब गुजरात के लोगों के पास आम आदमी पार्टी एक अच्छा और ईमानदार विकल्प मिला है। गुजरात के लोग भी चाहते हैं कि जैसे दिल्ली और पंजाब में अच्छा काम हो रहा है, वैसे ही गुजरात में भी होने चाहिए। यह धर्म युद्ध है, यह महाभारत की तरह है। जब महाभारत युद्ध शुरू हो गया, तो श्रीकृष्ण जी सोए हुए थे। उनसे मदद मांगने के लिए दुर्योधन और अर्जुन दोनों पहुंच गए। दुर्योधन उनके सिरहाने बैठ गए और अर्जुन उनके पांव के पास बैठ गए। श्रीकृष्ण की जब आंखें खुली तो उनको पहले अर्जुन दिखाई दिए। उन्होंने अर्जुन से पूछा, क्या चाहिए? दुर्योधन ने कहा कि पहले मैं आया था, पहले मैं मांगूगा। तब श्रीकृष्ण ने कहा कि पहले मैंने अर्जुन को देखा। अर्जुन ने कहा कि इस युद्ध के अंदर आप (श्रीकृष्ण) चाहिए। दुर्योधन मन ही मन बड़ा खुश हुआ कि मुझे तो सेना चाहिए। दुर्योधन ने कहा कि आप मुझे अपनी सेना दे दीजिए और आप इनके साथ चले जाइए। आज इन लोगों के पास पूरी सेना है, पूरी ताकत है। इनके पास सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी, पुलिस और बहुत पैसा है। हमारे साथ श्रीकृष्ण हैं, हमारे साथ भगवान हैं और अंत में जीत सच्चाई और भगवान की होगी। भगवान जनता के दिल में बसते हैं। इसलिए जनता भगवान होती है। जनता जर्नादन होती है। आज जनता हमारे साथ है। ये जितना मर्जी हमें परेशान कर लें।
‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लगभग महीना-डेढ़ महीना पहले मैं गुजरात आया था। उस समय कई सारे पूर्व सैनिक धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी एक मांग यह थी कि जो गुजरात का रहने वाला व्यक्ति सेना में है और वो बॉर्डर पर शहीद हो जाता है, तो उसको उचित मुआवजा नहीं मिलता है। हमने दिल्ली में स्कीम शुरू की है कि दिल्ली का रहने वाला कोई व्यक्ति फौज में है और वो बॉर्डर पर शहीद हो जाता है, तो हम उसके परिवार को एक करोड़ रुपए देते हैं। उसी आधार पर मैंने एलान किया था कि गुजरात में हमारी सरकार बनेगी, तो बॉर्डर पर शहीद होने वाले जवानों को हम एक करोड़ रुपए देंगे। मुझे बेहद खुशी है कि कल गुजरात सरकार ने एलान किया है कि वो भी अगर कोई सैनिक बॉर्डर के उपर शहीद होगा, तो उसके परिवार को एक करोड़ रुपए देगी। मैं इसके लिए गुजरात सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। लेकिन हमारी एक मांग है कि हमारी दिल्ली में जो स्कीम है, उसमें सैनिक भी शामिल हैं और पुलिस वाले भी शामिल हैं। क्योंकि पुलिस भी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाती है। अगर कोई पुलिस वाला ऑपरेशन में शहीद हो जाता है, तो मैं खुद उनके घर जाकर परिवार वालों को एक करोड़ रुपए का चेक देकर आता है। मेरी मांग है कि गुजरात पुलिस के कर्मचारियों को भी इस स्कीम में शामिल किया जाएगा, ताकि अगर गुजरात पुलिस का कोई कर्मचारी शहीद हो तो उसके परिवार को भी एक करोड़ रुपए मिले।


