ग्वारीघाट में फिर दिखाई दिया मुख्य नर्मदा मंदिरजबलपुर। बरगी डैम के कैचमेंट एरिया में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद 28 अगस्त को डैम के सभी गेट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। जलस्तर घटने के साथ ही जबलपुर के ग्वारीघाट में उफान के दौरान पानी में डूबा मुख्य नर्मदा मंदिर अब दोबारा दिखाई देने लगा है। घाट किनारे जलमग्न हुई दुकानें भी पानी उतरने के बाद नजर आने लगी हैं।
फिलहाल बरगी डैम का जलस्तर 421.55 मीटर बताया जा रहा है। नर्मदा का पानी कम होने के बाद ग्वारीघाट के घाटों और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कीचड़, गाद और कचरा जमा हो गया है। स्थानीय लोग और व्यापारी घाटों की सफाई में जुट गए हैं। पानी उतरने के बाद दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों को व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है।
पानी उतरने से व्यापारियों को राहत
नर्मदा का जलस्तर घटने के साथ ग्वारीघाट में जलभराव कम हुआ है। घाट किनारे पानी में डूबी दुकानें फिर से दिखाई देने लगी हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों के साथ श्रद्धालुओं ने भी राहत की सांस ली है।
सफाई में जुटे स्थानीय लोग
जलस्तर कम होने के बाद घाटों पर कीचड़ और कचरे की मोटी परत जमा हो गई है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने पहल करते हुए सफाई अभियान शुरू किया है। घाटों से गाद और कचरा हटाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
लौटने लगी ग्वारीघाट की रौनक
घाटों की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने के साथ ही मां नर्मदा के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। पानी कम होने से मुख्य मंदिर के दोबारा दिखाई देने पर श्रद्धालुओं में उत्साह है और ग्वारीघाट में धीरे-धीरे रौनक लौट रही है।


