नयी दिल्ली,17 सितंबर (आरएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़क डिजाइन से जुड़े हितधारकों को दिल्ली पुलिस ने कुछ सुझाव दिए हैं जिनमें फुटपाथ से अतिक्रमण हटाना, अलग बस खंड और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहनों के रुकने के लिए अलग जगह शामिल है।
पुलिस द्वारा जारी ‘दिल्ली सड़क दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट 2021Ó के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं में पैदल यात्रियों के लिए लगातार सर्वाधिक खतरा रहा है और पिछले साल यहां हुई सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में लगभग 41 प्रतिशत पैदल यात्राी थे।
दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने कहा कि रिपोर्ट में पिछले साल दिल्ली में हुई दुर्घटनाओं का विश्लेषण है।
परंपरा से हटकर, दिल्ली यातायात पुलिस ने वार्षिक रिपोर्ट में दुर्घटना के लिए अंग्रेजी के शब्द ‘एक्सीडेंटÓ की जगह ‘क्रैशÓ शब्द का प्रयोग किया है, जिसका पूर्व में शीर्षक ‘दिल्ली में सड़क दुर्घटनाएंÓ होता था।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि फुटपाथ से विक्रेताओं के अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए और इन सेवाओं के लिए विशिष्ट स्थान दिया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि सड़क का विस्तार कर सभी बस स्टैंड पर बसों के रुकने के लिए अलग ‘बस बेÓ होना चाहिए।
इसमें कहा गया है, बस बे पर्याप्त रूप से इतने लंबे होने चाहिए कि वहां दो से तीन बस (आवश्यकता के अनुसार) रुक सकें और बस स्टैंड पर ग्रिल युक्त फाटक (जैसा कि मेट्रो स्टेशन पर अधिक भीड़ के मामले में होता है) होने चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, पीरागढ़ी, सिंघु बॉर्डर, मुकरबा चौक, आईएसबीटी, धौला कुआं जैसे सभी प्रमुख चौराहों को सार्वजनिक परिवहन (डीटीसी, क्लस्टर बसों, रोडवेज बसों, ग्रामीण सेवा, आरटीवी, टीएसआर, रिक्शा, ई-रिक्शा और पैदल यात्री यातायात) की संरचना के अनुसार डिजाइन करने की आवश्यकता है।
इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि ऑटो रिक्शा और ‘ग्रामीण सेवाÓ वाहनों जैसे अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए एक अलग पड़ाव स्थान होना चाहिए तथा उन्हें अलग करने और उन्हें एक ही कतार में खड़ा करने के लिए एक रेलिंग प्रदान की जा सकती है।
रिपार्ट में कहा गया है कि पैदल यात्री बुनियादी ढांचे, फुट ओवर ब्रिज, सबवे, फुटपाथ और रुकने की जगह को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए कि मुख्य सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही को रोका जा सके, या इसे कम से कम किया जा सके।


