September 2, 2026
सी टाइम्स
टेक्नोलॉजीव्यापार

भारत हुआ 5जी, प्रधानमंत्री ने किया शुभारंभ

देश के 13 शहरों में मिलेगी सुविधा

नयी दिल्ली (वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक नए तकनीकी युग की शुरुआत करते हुए शनिवार को देश में 5जी सेवाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय मोबाइल सम्मेलन (आईएमसी) के छठे संस्करण के उद्घाटन किया। 5जी सेवा देश के 13 शहरों में लॉन्च की जाएगी।

आईएमसी 2022 का आयोजन 01 से 04 अक्टूबर तक ‘न्यू डिजिटल यूनिवर्स’ विषय के साथ किया जा रहा है। 5जी अगले कुछ वर्षों में पूरे देश को कवर करेगा। 5जी तकनीक से निर्बाध कवरेज, उच्च डेटा दर, कम विलंबता और अत्यधिक विश्वसनीय संचार सुविधाऐं प्राप्त की जा सकेंगी। इससे ऊर्जा दक्षता, स्पेक्ट्रम दक्षता और नेटवर्क दक्षता में भी बेहतर रूप से सुधार होगा।

इस मौके पर संचार, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान के साथ ही देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के प्रमुख भी मौजूद थे। इसमें रिलायंस जियो का संचालन करने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी, भारती एयरटेल के सुनील भारती मित्तल और वोडाफोन आइडिया के कुमार मंगलम बिरला, रिलायंस जियो के अध्यक्ष आकाश अंबानी मौजूद थे।

2035 तक 450 करोड़ डॉलर तक पहुंचेगा कारोबार

हाल ही में, 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न की गई थी और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 1,50,173 करोड़ रुपये की लागत से 51,236 मेगाहर्ट्ज आवंटित किया गया था। 5जी नए आर्थिक अवसर और सामाजिक लाभ प्रदान कर सकता है और इसे भारतीय समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति बनने की क्षमता प्रदान कर सकता है। यह देश को विकास की पारंपरिक बाधाओं को दूर करने, स्टार्टअप्स और व्यावसायिक उद्यमों द्वारा नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। भारत पर 5जी का कुल मिलाकर आर्थिक प्रभाव 2035 तक 450 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

12 केंद्रीय मंत्रालयों के बीच समन्वय

दूरसंचार विभाग ने 2018 में प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए आईआईटी, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु और समीर (एसएएमईईआर) की मदद से 5जी टेस्टेड की स्थापना की है। स्टार्टअप उद्योगों द्वारा इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए 2020 में एक 5जी हैकथॉन शुरू किया गया था और इससे नवीन उत्पादों को बढ़ावा मिला है। 5जी के इस्तेमाल के मामलों पर एक अंतर-मंत्रालयी समिति 2021 से 12 केंद्रीय मंत्रालयों के समन्वय से कार्य कर रही है, जिससे 5जी यूज-केस प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा सके। 5जी हैंडसेट उपलब्ध कराने के लिए 5जी इको-सिस्टम को सक्षम करने के लिए उद्योग के साथ परामर्श आयोजित किया गया है। मुंबई में निवेशकों, बैंकरों और उद्योग के साथ 5जी व्यापार के अवसरों पर और सरकार द्वारा प्रमुख हस्तक्षेपों की पहचान करने के लिए एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया था।

5जी है डिजिटल कामधेनु-मुकेश अंबानी

नयी दिल्ली 01 अक्टूबर (वार्ता) रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने 5जी को डिजिटल कामधेनु बताते हुए आज घोषणा कि की रिलायंस जियो दिसंबर 2023 के अंत तक पूरे देश में 5जी सेवा पहुंचा देगी और 5जी के “5 लक्ष्यों” की प्राप्ति के साथ ही यह देश को बदल सकता है। 5जी अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी तकनीक से कहीं बढ़कर है। यह एक मूलभूत तकनीक है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ब्लॉकचैन और मेटावर्स जैसी अन्य परिवर्तनकारी तकनीकों की पूरी क्षमता को अनलॉक करती है।

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