मुंबई, 2 जुलाई (IN)। सीबीआई ने जीवीके ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन गणपति वेंकट कृष्णा रेड्डी और उनके बेटे जी.वी. संजय रेड्डी, जो मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं, सहित अन्य पर हवाई अड्डे के संचालन में 705 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता को लेकर मामला दर्ज करने के चार दिन बाद मुंबई और हैदराबाद में इनके कई ठिकानों की तलाशी ली। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
जांच से जुड़े एक सीबीआई सूत्र ने IN को बताया, सीबीआई की कई टीमों ने जांच के सिलसिले में बुधवार को मुंबई और हैदराबाद में तलाशी ली। सूत्र ने हालांकि कहा कि तलाशी रेड्डी के आवासीय परिसर में नहीं बल्कि एफआईआर में नामित कंपनियों के परिसर में की गई।
यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा 27 जून को जीवीके रेड्डी, उनके बेटे जी.वी. संजय रेड्डी व अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मद्देनजर की गई है। उन पर हवाईअड्डे के संचालन में 705 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता बरतने का आरोप है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एएआई) ने जीवीके एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड के साथ मुंबई हवाई अड्डे के उन्नयन और रखरखाव के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फर्म मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के तहत एक संयुक्त उद्यम का गठन किया था।
एफआईआर में कहा गया है कि 4 अप्रैल, 2006 को एएआई ने एमआईएएल के साथ मुंबई हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण, रखरखाव, संचालन और रखरखाव के लिए एक समझौता किया था।
अधिकारियों ने कहा, यह आरोप है कि एमआईएएल में जीवीके समूह के प्रमोटरों ने अपने अधिकारियों और एएआई के अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलकर अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हुए धन को लेकर अनियमितता बरती है।
एमआईएएल जीवीके ग्रुप, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और कुछ विदेशी कंपनियों का संयुक्त उद्यम है।
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