July 30, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

51 फीसदी पाकिस्तानियों को नौकरी खोने का डर : सर्वेक्षण

 

इस्लामाबाद, 19 अप्रैल (आईएएनएस)| पाकिस्तान में आधे से अधिक लोगों को लगता है कि कोरोना वायरस महामारी से पैदा आर्थिक संकट नौकरियों को ले डूबेगा। एक सर्वेक्षण में यह बात उभर कर सामने आई है। ‘द न्यूज’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक शोध एवं सलाहकार फर्म इप्सॉस द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि 51 फीसदी पाकिस्तानी मानते हैं कि कोरोना महामारी के कारण अगले छह महीनों में लोग अपनी नौकरियां गंवा सकते हैं।

सर्वे में लोगों से पूछा गया कि आप अपने परिवार में या जिन्हें आप जानते हैं, उनमें से कितने लोगों को मौजूदा आर्थिक स्थितियों के कारण नौकरी गंवाते देख रहे हैं। जवाब में 51 फीसदी पाकिस्तानियों ने अगले छह महीनों में नौकरी खोने की आशंका जताई।

नौकरियां जाने की आशंका का राष्ट्रीय औसत 51 फीसदी रहा लेकिन खैबर पख्तूनख्वा में इस औसत से अधिक लोगों ने इस आशय की आशंका जताई। वहां 54 फीसदी लोगों ने कहा कि वे नौकरियां जाते देख रहे हैं। जबकि, बलूचिस्तान में 45 फीसदी ने ही कहा कि उन्हें इस बात की आशंका है।

पाकिस्तान की संघीय सरकार ने जोर-शोर से दावा किया है कि वह करोड़ों गरीब परिवारों तक 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद पहुंचा चुकी है। लेकिन, सर्वे में इन दावों की पोल तब खुलती दिखी जब इसमें शामिल 75 फीसदी लोगों ने कहा कि वे निजी तौर पर किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानते जिसे यह मदद मिली हो। इन 75 फीसदी लोगों में अधिकांश ग्रामीण थे। केवल 25 फीसदी ने कहा कि वे ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे यह सरकारी मदद मिली है।

सर्वे में लोगों से पूछा गया कि क्या उनका मानना है कि रमजान के महीने में रात की नमाज के बाद पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह को इस साल भी उसी तरह से मस्जिदों में पढ़ा जाना चाहिए जैसे हर साल पढ़ा जाता है तो 82 फीसदी लोगों ने कहा कि हां, तरावीह इस साल भी पहले के सालों की तरह ही पढ़ी जानी चाहिए।

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