November 5, 2026
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कोलकाता में शुक्रवार रात से हुक्का बार पर पूर्ण प्रतिबंध

कोलकाता, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)| कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने शुक्रवार आधी रात से राज्य में हुक्का बार के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कोलकाता के मेयर और राज्य मंत्री फरहाद हकीम के अनुसार, केएमसी अधिकारियों द्वारा सोमवार तक एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी, निगम और पुलिस अधिकारियों ने अपने परिसर में हुक्का बार चलाने वाली सभी संस्थाओं से इन सुविधाओं को तुरंत बंद करने के लिए कहा है, पूर्ण प्रतिबंध शुक्रवार मध्य रात्रि से प्रभावी होगा।

हकीम ने संवाददाताओं से कहा- हुक्का बार चलाने वाले बार, रेस्तरां और होटल जैसी संस्थाओं को इन सुविधाओं को चलाने के लिए एक विशेष लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। विशेष लाइसेंस जारी करने की इस प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है और भविष्य में केएमसी द्वारा न तो ऐसे लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जाएगा और न ही नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे।

हकीम के अनुसार, हुक्का बार चलाने वाली संस्थाओं को बंद करने के लिए औपचारिक अनुरोध पहले ही किया जा चुका है। अगर अनुरोध काम करता है, तो यह अच्छा है। अगर कोई संस्था इस संबंध में प्रतिबंध का उल्लंघन करती हुई दिखाई देती है, तो उससे गंभीरता से निपटा जाएगा। उल्लंघन करने वालों को उनके बार, भोजनालयों, होटलों आदि के लाइसेंस के नवीनीकरण से भी वंचित किया जा सकता है।

महापौर के अनुसार, केएमसी अधिकारियों के संज्ञान में आया कि कुछ रसायनों, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, उनका उपयोग हुक्का बार के कुछ मालिकों द्वारा किया जा रहा है। चूंकि नियमित आधार पर इस पर कड़ी नजर रखना मुश्किल है, इसलिए हमने शहर को हुक्का बार से पूरी तरह मुक्त बनाने का फैसला किया है। केएमसी अधिकारी पुलिस के साथ भी बातचीत कर रहे हैं ताकि इस व्यापक प्रतिबंध का पालन किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि हुक्का बार की आड़ में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों का धंधा चलाने की काफी संभावना है। हकीम ने कहा, यह एक और कारण है कि हुक्का बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है।

इस साल अक्टूबर में, तमिलनाडु विधानसभा ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए) में संशोधन करते हुए एक अधिनियम पारित किया था, इस प्रकार तंबाकू के दुरुपयोग को दूर करने के लिए पूरे राज्य में हुक्का बार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। संशोधित अधिनियम में तीन साल तक के कारावास के साथ-साथ उल्लंघन के लिए 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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