नई दिल्ली, 14 जुलाई | आईएएनएस सीवोटर स्नैप पोल में भाग लेने वाले एक-तिहाई से ज्यादा लोगों का मानना है कि अशोक गहलोत नीत कांग्रेस सरकार गिर जाएगी और भाजपा की राज्य में वापसी होगी। पोल के नतीजे उस दिन आए हैं, जिस दिन बागी सचिन पायलट को कांग्रेस ने दो मुख्य पदों -उपमुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया।
सर्वे में 1200 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें से 37.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे महसूस करते हैं कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार गिर जाएगी और भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी करेगी। कहा जा रहा है कि पायलट भाजपा के संपर्क में है और पार्टी इस घटनाक्रम पर करीबी से नजर रखे हुए है।
अधिकतर लोगों ने मुख्यमंत्री के पद के लिए गहलोत से ज्यादा पायलट को तरजीह दी। कुल 29.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पायलट मुख्यमंत्री के पद पर गललोत को हटाकर आसीन होंगे, जबकि केवल 19.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
वहीं 14.4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और पायलट भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
राजस्थान में तेजी से बदलते घटनाक्रम में न केवल पायलट को पार्टी के मुख्य पदों से हटाया गया, बल्कि पायलट के दो अन्य विश्वासपात्र माने जाने वाले विश्वेन्द्र सिंह और रमेश मीणा को भी गहलोत के मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पायलट के अगले कदम को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री के पद से हटाए जाने के बाद ट्वीट कर कहा, “सच परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।”
पायलट ने साथ ही ट्विटर पर अपना प्रोफाइल बदल दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष के अपने पद को डिलीट कर दिया है। अब उनके परिचय में टोंक का विधायक और पूर्व केंद्रीय दूरसचांर, कॉरपोरेट मामलों के मंत्री लिखा हुआ है।


