कोलकाता, 19 मई | कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें नगरपालिका भर्ती मामले की सीबीआई जांच के उसी अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। जस्टिस अरिजीत बनर्जी और अरुबा सिन्हा रॉय की खंडपीठ ने इस आधार पर मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया कि यह उनका विषय नहीं है।
यह मामला मुख्य न्यायाधीश शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ को वापस भेज दिया गया है।
सीबीआई जांच का मूल आदेश हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने दिया था। हालाँकि राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसने मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय में वापस भेज दिया।
इसके बाद राज्य सरकार ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश को रद्द करने की मांग वाली याचिका के साथ कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की एकल-न्यायाधीश पीठ से संपर्क किया।
हालांकि, न्यायमूर्ति सिन्हा ने 12 मई को न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की पीठ द्वारा जांच के आदेश को बरकरार रखा।
आखिरकार 16 मई को राज्य सरकार ने जस्टिस सिन्हा के आदेश को चुनौती देते हुए फिर से जस्टिस बनर्जी और जस्टिस सिन्हा रॉय की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सरकारी स्कूलों में भर्ती ‘घोटाले’ के सिलसिले में निजी रियल एस्टेट प्रमोटर अयान सिल के आवास पर छापे और तलाशी अभियान में राज्य की नगर पालिकाओं में भर्ती में अनियमितताओं का खुलासा किया था।


