नई दिल्ली, 31 मई | कांग्रेस आलाकमान की पहल और सुलह की कोशिशों के कारण राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अब तक अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करते नजर आ रहे सचिन पायलट अब एकजुट हो गए हैं। अशोक गहलोत और सचिन पायलट के एकजुट होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार आज राजस्थान की धरती पर एक बड़ी रैली को संबोधित करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान के अजमेर में आज शाम को एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। वैसे तो प्रधानमंत्री की यह अजमेर की जनसभा सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा द्वारा देश भर में एक महीने तक चलाए जाने वाले विशेष मेगा जनसंपर्क अभियान का एक हिस्सा है।
प्रधानमंत्री आज की रैली से इस अभियान की शुरूआत कर रहे हैं और अगले एक महीने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह,जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की कुल मिलाकर इस तरह की 51 बड़ी महारैलियां होनी है।
लेकिन अजमेर की रैली में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि अब तक राजस्थान जाकर गहलोत-पायलट की लड़ाई पर चुटकी लेने वाले, कटाक्ष करने वाले प्रधानमंत्री मोदी अब उनकी एकजुटता पर क्या बोलेंगे क्योंकि प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया एक तरह से भाजपा का स्टैंड भी होगा। आज प्रधानमंत्री जो भी बोलेंगे, आने वाले दिनों में भाजपा नेता उसी लाइन को राजस्थान में दोहराते नजर आएंगे।
राहुल गांधी ने राजस्थान के अजमेर में आज शाम को होने वाली प्रधानमंत्री मोदी की रैली से कुछ घंटे पहले अमेरिका की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध कर पॉलिटिकल एजेंडे को सेट करने का प्रयास किया है उसे लेकर भी सबकी निगाहें प्रधानमंत्री की इस रैली पर बनी हुई है कि क्या कांग्रेस शासित चुनावी राज्य राजस्थान की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी को जवाब देते हैं या नहीं और अगर देंगे तो क्या जवाब देंगे?


