जबलपुर : भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पढ़ने वाली डॉ. बाला सरस्वती सुसाइड केस में चार दिन बीत जानें के बाद भी जिला प्रशासन और सरकार के द्वारा किसी भी तरह की जांच ना होंने से भोपाल के जूनियर डाक्टर चार दिन से हड़ताल पर है। पर अब भोपाल के अलावा प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेज़ों में पदस्थ डांक्टर भी हड़ताल पर चले गए है। शनिवार को भोपाल सहित ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और छिंदवाड़ा के जूनियर डांक्टर ने भी हड़ताल कर दी है।
जबलपुर नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज में पदस्थ करीब साढ़े तीन सौ डाक्टरों ने शनिवार की सुबह से ही काम बंद हड़ताल कर दी। जूनियर डाक्टरों के हड़ताल पर जानें से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुई है। मेडिकल कालेज के सीनियर डाक्टरों पर काम का बोझ बढ़ गया है। जूनियर डाक्टरों के हड़ताल पर जानें से एसआर डाक्टरों की मदद ली जा रही है। जबलपुर मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टर आज सुबह से ही हड़ताल पर है। मेडिकल कैजुअल्टी के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहें जूनियर डाक्टरों की मांग है कि जल्द से जल्द डांक्टर बाला सरस्वती सुसाइड केस की तह तक जाए।
हड़ताल पर बैठी जूनियर डाक्टर इशू सिंह का कहना है कि हमारी सिर्फ एक ही मांग है कि डांक्टर सरस्वती को न्याय मिलें, जिससे की फ़िर कभी किसी डाक्टर को यह कदम नही उठाना पड़े। डाक्टर सरस्वती गर्भवती थी, इसके बाद भी उन्होंने क्यों सुसाइड किया, जिसके पीछे जरूर कोई वजह होगी। जूनियर डाक्टरों का कहना है कि जब तक डाक्टर सरस्वती को न्याय नही मिलता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
जूनियर डाक्टर संघ के अध्यक्ष चंद्रबाबू का कहना है कि हमें ना चाहते हुए भी हड़ताल पर जाना पड़ा है, क्योंकि चार दिनों से भोपाल में जूनियर डाक्टर हड़ताल पर है, जिला प्रशासन और सरकार ने डाक्टर सरस्वती सुसाइड केस में कोई भी ठोस कदम नही उठाया है, यही वजह है कि अब हमारी हड़ताल अनिश्चितकालीन तक रहेगी। जूड़ा का कहना है कि निश्चित रूप से हमारी हड़ताल से मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है लेकिन हम ना चाहते हुए हड़ताल करने को मजबूर हैं।


