लखनऊ , 28 अगस्त | उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैब टेक्निीशियन संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या के मामले में दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न्याय न मिलने से परेशान परिजन शुक्रवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मिले। कानपुर से आए संजीत यादव के परिजनों को अखिलेश यादव ने दो लाख की आर्थिक मदद दी। संजीत के परिजनों को सपा की तरफ से पहले भी पांच लाख की मदद दी गई थी। परिजनों ने अखिलेश यादव को पूरे मामले से अवगत कराते हुए आपबीती सुनाई। अखिलेश यादव ने संजीत के परिवारजनों को हर संभव मदद एवं न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या के करीब दो महीने बाद भी उसका शव न मिलने से परेशान संजीत के पिता, माता व बहन ने लखनऊ में अखिलेश यादव से समाजवादी पार्टी के कार्यालय, विक्रमादित्य मार्ग पर भेंट की। इस भेंट के दौरान सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल तथा पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे।
संजीत यादव की हत्या के आरोपियों के जेल में बंद हो जाने के बाद भी उसका शव न मिलने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हां कहने के बाद भी सीबीआई जांच नहीं होने से उसका परिवार काफी आहत है। कानपुर में कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी कोई हल होता न देख शुक्रवार को संजीत यादव के परिवार के लोग पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में भेंट की।
इससे पहले गुरुवार को लखनऊ जा रहे संजीत के परिवार के लोगों को कानपुर पुलिस ने रामादेवी फ्लाईओवर पर रोक लिया। उन्हें समझा-बुझाकर वापस लौटा दिया गया था। कानपुर पुलिस शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में संजीत यादव के परिवार के लोगों को लेकर लखनऊ पहुंची। पुलिस की सुरक्षा में संजीत के स्वजन को कानपुर नगर सपा अध्यक्ष अपने साथ लखनऊ लाए।
गौरतलब है कि लैब टेक्निीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हुआ था। 29 जून को उसके परिवारवालों के पास फि रौती के लिए फोन आया। 30 लाख रुपये फि रौती मांगी गई थी। परिवारवालों ने पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख की फि रौती दी थी। लेकिन न तो पुलिस अपहरणकर्ताओं को पकड़ पाई, न ही संजीत यादव को बरामद कर सकी। 21 जुलाई को जब पुलिस ने सर्विलांस की मदद से संजीत के दो दोस्तों को पकड़ा तो पता चला कि उन लोगों ने संजीत की 26 जून को हत्या कर दी थी।


