जबलपुर :- मतदाता संवाद, उत्तर मध्य विधान सभा में मतदाताओं से संवाद – सी टाइम्स की टीम |#seetimes
उत्तर मध्य में विनय सक्सेना को मिल रहा समर्थन , बढ़ा सकता है भाजपा की चिंता
सी टाइम्स की टीम ने जाना उत्तर मध्य विधानसभा के मतदाताओं का नजरिया | इस विधानसभा चुनाव में सी टाइम्स की टीम मतदाताओं का हाल और मन की बात जानने के लिए उनके क्षेत्र तक पहुंच रही है इसी कड़ी में सी टाइम्स की टीम ने उत्तर मध्य के मतदाताओं से मुलाकात की और उनकी राय जानी |
उत्तर मध्य विधानसभा में भी मिली जुली प्रतिक्रिया देखने मिली कुछ लोग भाजपा के पक्ष में नजर आए तो कुछ कांग्रेस के लेकिन जिन लोगों से विनायक सक्सेना के कार्यों के बारे में बात की गई उनमे से अधिकतर लोग विनय सक्सेना के कार्य से संतुष्ट नजर आए | हालांकि कुछ लोग ऐसे भी मिले जो नालियों की सफाई और उचित पार्किंग व्यवस्था न होने से परेशान नजर आए |
जो लोग भाजपा के पक्ष में नजर आए उन्होंने राज्य की सड़कों की बात करते हुए कहा कि राज्य में सड़कों का विकास हुआ है, वही जो लोग कांग्रेस के समर्थन में नजर आए उन्होंने
विनय सक्सेना के कार्यों की सराहना की है उनका ऐसा मानना है कि उत्तर मध्य क्षेत्र में विकास हुआ है | साथ ही कुछ मतदाता ऐसे भी नजर आए जो भाजपा के समर्थक होने के बावजूद भी विनय सक्सेना के कार्यों की सराहना कर रहे थे |
राज्य सरकार द्वारा लिये हुए कर्ज का किया जिक्र
कई मतदाताओं ने यह भी बताया कि राज्य में महंगाई और भ्रष्टाचार से जनता परेशान है साथ ही राज्य सरकार कर्ज लेती चली जा रही है
किसानों का हो कर्जा माफ
कई मतदाताओं ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की है कि राज्य के वो किसान जो कर्ज की वजह से आत्महत्या कर लेते हैं उनका कर्ज माफ होना चाहिए कांग्रेस समर्थित मतदाताओं ने कहा की कमलनाथ जी ने अपने 15 महीने की सरकार में
कई किसानों का कर्ज माफ किया था
बिकाऊ नहीं है उत्तर मध्य का मतदाता
सी टाइम्स की टीम ने जब लोगों से पैसे या चीजें लेकर वोट देने वालों के बारे में बात की तो लोगों ने कहा की उत्तर मध्य के ज्यादातर मतदाता संपन्न, समझदार और पढे लिखे हैं यहां के मतदाताओं पर इन सब बातों का कोई असर नहीं पड़ता |
ऊपर से पैसा आएगा तब तो मिलेगा
स्कॉलरशिप के मुद्दे पर कुछ छात्रों ने बात करते हुए बताया कि
एससी, एस टी वर्ग के छात्रों को जो स्कॉलरशिप मिलती है वह पाने में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है
पैसे अगर ऊपर से आएंगे तभी तो मिलेंगे, अगर पैसे ऊपर से ही नहीं आएंगे तो फिर आम जनता को कैसे प्राप्त होंगे |


