(Dhanteras 2024) 28अक्टूबर | दीवाली का पावन पर्व नजदीक है, और हर ओर उत्सव का माहौल छाया हुआ है। धनतेरस से इस पर्व की शुरुआत होती है, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला यह दिन भगवान धन्वन्तरि और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए उपयुक्त माना गया है। धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी और पूजा-अर्चना का रिवाज है, ताकि घर में समृद्धि और सुख-शांति का आगमन हो। इस वर्ष धनतेरस 2024 का पर्व मंगलवार को, 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वन्तरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व रहता है, जो कि सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के प्रतीक माने जाते हैं। धनतेरस के दिन नए आभूषण, बर्तन, या चांदी-स्वर्ण की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।
धनतेरस का शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त : शाम 6 बजकर 31 मिनट से लेकर 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा
त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 29 अक्टूबर को सुबह 10:31 बजे होगी और इसका समापन 30 अक्टूबर को दोपहर 1:15 बजे होगा। यह समय पूजा-पाठ, सोने-चांदी की खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है
धनतेरस पूजा विधि और महत्त्व
धनतेरस पर घरों में साफ-सफाई करके सुन्दर रंगोली बनाकर, दीपक जलाकर शाम को भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान मिट्टी के दीपक जलाना शुभ मन जाता है | चांदी, सोने, या बर्तन खरीदना धनतेरस के दिन बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह घर में लक्ष्मी जी का वास लाता है।
खरीदारी के लिए सुझाव
धनतेरस के दिन कुछ विशेष वस्तुएं खरीदने का रिवाज है, जैसे:
सोना-चांदी : धनतेरस के दिन सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के खरीदना शुभ माना जाता है।
रसोई के बर्तन : पीतल, तांबा या चांदी के बर्तन खरीदने से घर में संपन्नता आती है ऐसा माना जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण : इस दिन नए उपकरण खरीदने से परिवार में नई उन्नति का आगमन माना जाता है।
धनतेरस के दिन इन वस्तुओं की खरीदारी से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है, जिससे पूरे वर्ष की संपन्नता का आशीर्वाद मिलता है।
इस विशेष मंत्र का जाप करे ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥


