Beggar Free Campaign indore – इंदौर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बड़ा गणपति और राजवाड़ा क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाते हुए एक महिला भिक्षुक को पकड़ा, जिसके पास से 74,768 रुपये नकद बरामद हुए।
रेस्क्यू के दौरान हुआ खुलासा
टीम ने बुधवार को शनि मंदिर के सामने भिक्षा मांग रही महिला को रेस्क्यू किया। महिला की तलाशी में 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोट मिले, जिनकी कुल राशि 74,768 रुपये थी।
पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि यह उसकी केवल एक हफ्ते की कमाई है। उसने यह भी खुलासा किया कि हर 10-15 दिनों में वह भिक्षावृत्ति से इतनी ही रकम जमा कर लेती है।
भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान की प्रगति
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत अब तक 300 से अधिक भिक्षुकों को रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में पुनर्वासित किया गया है। अभियान का उद्देश्य इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना और जरूरतमंदों को एक बेहतर जीवन प्रदान करना है।
सामाजिक चिंता और समाधान की आवश्यकता
इस घटना ने भिक्षावृत्ति के मुद्दे पर गहराई से सोचने को मजबूर कर दिया है। यह केवल गरीबी का परिणाम नहीं है, बल्कि कई मामलों में एक नियमित आय का साधन बन गया है। समाज में बिना सोचे-समझे दान देने की प्रवृत्ति भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देती है।
महिला को रेस्क्यू के बाद उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा गया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
क्या कहता है यह मामला?
यह घटना समाज में जागरूकता बढ़ाने और दान देने की प्रक्रिया को सही दिशा में मोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास ही नहीं, बल्कि नागरिकों का भी सहयोग आवश्यक है।
इंदौर में चल रहा भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान एक सराहनीय पहल है, जो न केवल जरूरतमंदों को सहायता प्रदान कर रहा है, बल्कि शहर को स्वच्छ और भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।


