DFO Indore suicide (Mahendra Singh Solanki) – इंदौर के वनमंडलाधिकारी (DFO) महेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। उनके कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और ब्लैकमेलिंग के एंगल को भी खंगाल रही है।
घटना का विवरण
महेंद्र सिंह सोलंकी शुक्रवार को दोपहर में संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद वे अपने नवरतनबाग स्थित सरकारी आवास पहुंचे। कुछ समय बाद, जब वे अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तो नौकरों ने दरवाजा खटखटाया। जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो खिड़की से झांक कर देखा गया। सोलंकी फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच में उनके कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। उनका मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
ब्लैकमेलिंग और अन्य पहलुओं की जांच
सोलंकी के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनका किसी तरह का पारिवारिक विवाद नहीं था और वे परिवार का खास ध्यान रखते थे। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति शंकर उन्हें लगातार वॉट्सएप कॉल कर रहा था, जिसे लेकर पुलिस अब उससे पूछताछ करेगी।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सोलंकी के खिलाफ विभाग स्तर पर कोई बड़ी जांच नहीं चल रही थी। हालांकि, उन्होंने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे और आरटीआई कार्यकर्ता उनके कार्यकाल में हुए कार्यों की जानकारी मांग रहे थे।
परिवार और अंतिम संस्कार
घटना के वक्त सोलंकी की पत्नी और बच्चे खरगोन में पूजा के लिए गए हुए थे। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। महेंद्र सिंह सोलंकी मूल रूप से खरगोन के निवासी थे, जहां उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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