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September 13, 2026
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पीएम मोदी ने शिवालयों के उत्थान में दिया अहम योगदान, काशी से केदारनाथ तक दिखा प्रमाण

नई दिल्ली, 26 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिव मंदिरों के पुनर्निर्माण और उनकी भव्यता को बरकरार रखने के लिए अथक प्रयास किए हैं। उनकी इन कोशिशों की झलक महाशिवरात्रि पर्व पर ‘मोदी स्टोरी’ द्वारा जारी एक वीडियो क्लिप में दिखती है। ये पीएम मोदी के सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की इच्छाशक्ति का प्रमाण है।


इस वीडियो में पीएम मोदी, “शिवं ज्ञानं यानी शिव ही ज्ञान हैं। ज्ञान ही शिव हैं।” इस वीडियो के माध्यम से देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों के पुनर्निर्माण और विकास की योजनाओं को दर्शाया गया है, जिनसे तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा अनुभव को और भी सुखद बनाया जाएगा। इसमें काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, सोमनाथ, महाकालेश्वर मंदिर और अलमोड़ा के जागेश्वर मंदिर का जिक्र है।

वीडियो की शुरुआत उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से होती है, जिसे 2013 की भीषण आपदा के बाद फिर से निर्माण किया गया। मंदिर के आसपास बाढ़ रोधी दीवारों और विशाल गलियारों का निर्माण किया गया है, ताकि भविष्य में इस क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव कम हो सके। इसके अलावा, चारधाम यात्रा की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वीडियो में यह भी उल्लेख किया गया है कि आदि शंकराचार्य की समाधि को फिर से स्थापित करने की योजना भी है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की चर्चा भी इस वीडियो में की गई है, जो गंगा नदी के किनारे काशी के मंदिरों को जोड़ने का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इस कॉरिडोर के माध्यम से तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, और काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर का विस्तार किया जाएगा, जिससे तीर्थ यात्रियों का अनुभव और भी उत्कृष्ट होगा। इसके अतिरिक्त, काशी में 40 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास किया जा रहा है।

वीडियो में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के आसपास बनने वाले महालोक कॉरिडोर का भी जिक्र किया गया है, जिसे 900 मीटर लंबा और मंदिर परिसर को 47 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तारित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में नए गलियारों और सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 1.48 किलोमीटर लंबा विहार स्थान प्रदर्शनी केंद्र बनाने, मंदिर परिसर का विस्तार करने और पूरे देश को सोमनाथ मंदिर से जोड़ने के लिए कनेक्टिव सुविधाएं प्रदान करने की योजना भी है।

गुजरात के सोमनाथ की भी झलक है जिसमें मंदिर परिसर के विस्तार और कैसे इस तक आम लोगों की पहुंच को सुगम बनाया गया, इसकी कहानी है।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम में 100 से अधिक पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार किया। साथ ही, इन मंदिरों तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया है जिससे तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की समस्या न हो।

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