July 28, 2026
सी टाइम्स
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होली की शुरुआत : मथुरा से शुरू हुआ रंगों का त्योहार

देश भर में इस साल 14 मार्च को रंगों का त्योहार होली मनाई जाएगी। लेकिन ब्रज के प्रसिद्ध स्थानों में हर साल की तरह इस साल भी होली की शुरुआत पहले ही हो चुकी है। बरसाना, जो राधा रानी का जन्मस्थान है, की होली पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि के दिन से ही यहां होली की शुरुआत होती है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है। पूरे बरसाने में रंग और गुलाल से सजी गलियां, ढोल और नगाड़ों की धुन पर झूमते हुए लोग एक अलग ही रौनक का एहसास कराते हैं। बरसाने की गलियों में होली की जो धूम है, वह वास्तव में अनोखी और अविस्मरणीय है। यहां के निवासी और पर्यटक दोनों ही इस उत्सव का आनंद ले रहे हैं। ब्रज में होली का त्योहार एक महीने से भी ज्यादा समय तक चलता है। वसंत पंचमी के दिन से ही होली की शुरुआत हो जाती है, जो करीब 40 दिनों तक चलती है। इस दौरान हर दिन विभिन्न प्रकार के होली के आयोजन होते हैं। इस बार 12 फरवरी को द्वारकाधीश मंदिर में होली का विशेष उत्सव मनाया जाएगा, और मंदिर में होली की शुरुआत की जाएगी। नंदगांव में 7 मार्च को ‘फाग आमंत्रण उत्सव’ होगा, जिसमें महिलाएं अपनी सखियों को होली खेलने के लिए न्योता देंगी। उसी दिन, बरसाना के श्रीराधारानी मंदिर में ‘लड्डू मार होली’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्तगण भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए लड्डू फेंकते हैं। अगले दिन 8 मार्च को बरसाना में ‘लट्ठमार होली’ का आयोजन होगा, जिसमें नंदगांव के पुरुष और महिलाएं भाग लेंगे। यह परंपरा बहुत पुरानी है, जिसमें महिलाएं लाठियों से वार करती हैं और पुरुष ढाल से अपनी रक्षा करते हैं। इसे कान्हा और राधा के प्रेम की अभिव्यक्ति माना जाता है। रंगभरी एकादशी के दिन 10 मार्च को बांके बिहारी मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रंगों से होली खेली जाएगी। गोकुल के रमणरेती में 11 मार्च को होली का आयोजन होगा। 13 मार्च को होलिका दहन होगा, और फिर 14 मार्च को पूरे ब्रज में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। 15 मार्च को बलदेव में दाऊजी का हुरंगा होगा, और 22 मार्च को वृंदावन में रंगनाथ जी मंदिर में होली का विशेष उत्सव आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि होली का यह पर्व भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है और इसे विभिन्न राज्यों में विशेष ढंग से मनाया जाता है। यह त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यहां की पारंपरिक गतिविधियां और उत्सव भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर को भी प्रदर्शित करते हैं। मथुरा और उसके आसपास के क्षेत्र, खासकर बरसाना, इस त्योहार के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। यहां की होली को देखने के लिए देशभर से भक्त और पर्यटक आते हैं, जहां एक अद्भुत रंगीन माहौल देखने को मिलता है।

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