भोपाल, 12 मार्च। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया। इस बजट को भाजपा नेताओं ने जनहितकारी और सभी वर्गों के कल्याण के साथ विकासोन्मुखी करार दिया है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस बजट में आमजन के सरोकार की कोई बात ही नहीं है। वित्त मंत्री ने 4 लाख 21 हजार करोड़ का बजट सदन में पेश किया। यह बजट पिछले बजट के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा है। कई नई योजनाओं को शुरू करने की बात कही गई है। वहीं, कोई नया कर नहीं लगाया गया है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत 2025-26 का बजट सर्वसमावेशी और दूरदर्शी है। यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2047 तक दो ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बजट में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और रोजगार सृजन जैसे सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर कुल 23,535 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 2,992 करोड़ रुपए अधिक है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब युवा, अन्नदाता और नारी पर ध्यान के मंत्र पर फोकस के साथ ही धर्म और अध्यात्म की धरोहर को संरक्षित करने वाला है। उन्होंने बजट में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 7,132 करोड़ रुपए एवं कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत 447 करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से किसान और आम नागरिक अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनेंगे। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2047 तक जीरो कार्बन उत्सर्जन और ग्रीन ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान कर सकेगा। बजट को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बजट प्रदेश के विकास और सर्वहारा वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनाए गए इस बजट में गरीब, युवाओं, अन्नदाता और नारी सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। वहीं, कांग्रेस ने इस बजट को आमजन की जरूरतों को नजरअंदाज कर बनाया गया बजट करार दिया है। विधायक महेश परमार का कहना है कि इस बजट का जनता से कोई सरोकार नहीं है। न तो किसानों की फसल के दाम बढ़ाने की बात है, न ही लाडली बहनों की राशि में इजाफा किया गया है। नौजवानों के रोजगार की कोई बात नहीं है। जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है। इस बजट में आंकड़ों की जादूगरी है। अनुभा मुजारे का कहना है कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है। इस योजना को नौकरशाहों ने सरकार के तंत्र से मिलकर भ्रष्टाचार में डुबो दिया। गांव में आधी-अधूरी योजना है।


