चैत्र नवरात्रि का आरंभ 30 मार्च रविवार से होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि का आरंभ हर साल चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि से होता है। इस साल चैत्र नवरात्रि पर कई शुभ योग रहने वाला है। नवरात्रि में इस बार 4 राजयोग का संयोग रहने वाला है। साथ ही इस दिन सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग दोनों का शुभ संयोग रहेगा। यह जानकारी ज्योतिषाचार्य पं सौरभ दुबे ने देते हुए बताया कि इस अवसर पर ग्रहों की महापंचायत भी हो रही है जो वर्षभर में अच्छा प्रभाव डालेगी।
30 मार्च से 6 अप्रैल तक पूरे 8 दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग.अलग स्वरूप की पूजा की जाएगी। नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा जिनती महत्ता रखती है। मां का आगमन और गमन की सवारी का भी उतना ही महत्व है। इस वर्ष मां का आगमन और गमन दोनों ही शुभ संकेत दे रहे हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि में माता रानी की सवारी हाथी है। इतना ही नहीं धर्म शास्त्रों के मुताबिक हाथी को शांति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यह देश और देशवासियों के जीवन में शांति और समृद्धि लाएगी। अगर नवरात्रि की शुरूआत रविवार के दिन होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। इसके अलावा 6 अप्रैल को रविवार के दिन नवरात्रि का समापन होगा। इसके बाद माता रानी हाथी पर प्रस्थान करेंगी। माता का हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करना शुभ संकेत माना जाता है। सुख व सौभाग्य की वृद्धि करती हैं। इसका असर राष्ट्र पर भी होता है। राष्ट्र में सुख समृद्धि और मान.प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। इस चैत्र नवरात्र चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है। सभी 8 दिन मां देवी को समर्पित है।
चैत्र नवरात्रि इस बार 8दिनों की होगी।
इस बार 2 सर्वार्थ सिद्धिए 2 रवि योग दो अमृत सिद्धि योग और रविपुष्य का संयोग बन रहा है। नवरात्रि के अंतिम दिन रामनवमी पर रविपुष्य योग का महासंयोग बन रहा है।
चैत्र नवरात्र का आरंभ 30 मार्च से हो रहा है। इस दिन रविवार है और इस बार चैत्र नवरात्र का आरंभ ग्रहों की महापंचायत से हो रहा है। दरअसल 30 मार्च को जिस दिन चैत्र नवरात्र का आरंभ हो रहा है उसी दिन से हिंदू नववर्ष संवत् 2021 भी शुरू हो रहा है और इस अवसर पर मीन राशि में 3 ग्रहों का संयोग हो रहा है। मीन राशि में बुध के साथ सूर्य राहु ग्रह साथ होंगे ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहों का यह संयोग बहुत ही अच्छा माना जा रहा है। ऐसे में इस योग से शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति होगी। देश की अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी। धनए सुख.सुविधाए मान.सम्मान की प्राप्ति होगी। व्यापारियों के लिए संवत् के आरंभ में बनने वाला यह योग बेहद शुभ लाभदायक रहेगा।
घट कलश एवं जवारा स्थापना मुहूर्त.
प्रातः 6.13 से प्रातः 10.37 तक।
अभिजीत मुहूर्त 11.41 से 12.50 तक।
दोपहर 12.28 से दोपहर 2.18 तक।


