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June 19, 2026
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ई-रिक्शा से बच्चों की मौत, जिम्मेदारी तय करे सरकार : स्वाति मालीवाल

Swati Maliwal, 2 अप्रैल। पिछले दिनों दिल्ली में ई-रिक्शा से संबंधित दुर्घटनाओं में दो बच्चों की मौत हुई। इनमें से एक बच्ची की आयु 10 वर्ष और दूसरे की आयु 7 वर्ष थी। बुधवार को यह मामला सांसद स्वाति मालीवाल ने राज्यसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे कई हादसे दिल्ली की सड़कों पर हो रहे हैं। आज बिना निगरानी के, ये ई-रिक्शा देश की राजधानी दिल्ली और देश की सड़कों पर अराजकता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां ऑटो और टैक्सी को लेकर काफी सख्त नियम हैं, वहीं ई-रिक्शा धड़ल्ले से बिना किसी नियंत्रण और जवाबदेही के चलाए जा रहे हैं।

पहले ई-रिक्शा एक किफायती और इको फ्रेंडली यातायात का साधन माना जाता था। लेकिन, अब दिल्ली के किसी भी मेट्रो स्टेशन के बाहर या फिर दिल्ली के किसी भी मार्केट में सैकड़ों की तादाद में ई-रिक्शा मौजूद रहते हैं। यहां ई-रिक्शा सड़कों पर जाम लगाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगी कि सारे ई-रिक्शा चालक गलत हैं। लेकिन, ओवरलोडिंग होती है। ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक लोगों को बिठाया जाता है। ई-रिक्शा में तीन से चार लोग बिठाए जा सकते हैं, लेकिन, इनमें आठ से दस लोग बिठा दिए जाते हैं। ई-रिक्शा की संरचना ऐसी होती है कि जरा सा भी संतुलन बिगड़ने पर पूरी गाड़ी पलट जाती है। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों की ट्रेनिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बहुत सारे ई-रिक्शा चालकों के पास न कोई लाइसेंस है, न इनको कोई भी प्रशिक्षण होता है। दिल्ली में ढाई लाख से ज्यादा ई-रिक्शा हैं।

ई-रिक्शा चालक लाल बत्ती का उल्लंघन करते हैं, गलत दिशा में रिक्शा चलाते हैं, नो एंट्री में जाते हैं, ओवर स्पीडिंग करते हैं। राज्य सरकारों के पास इनकी संख्या से जुड़ा कोई आंकड़ा भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों दिल्ली में एक 10 वर्ष की बच्ची की ई-रिक्शा के कारण मृत्यु हो गई। एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने बच्ची को टक्कर मारी, जिसके कारण बच्ची की मौत हुई। इससे पहले एक 7 साल के बच्चे की मृत्यु अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग पॉइंट से करंट लगने के कारण हुई। दिल्ली में इस प्रकार के हादसे बढ़ते जा रहे हैं। ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित होने चाहिए।

इसके साथ ही राज्य सरकारों को सबसे पहले ई-रिक्शा की संख्या को सीमित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा और चालक दोनों का लाइसेंस होना चाहिए। इनका रूट और स्टैंड भी निर्धारित होना चाहिए। ई-रिक्शा के जितने भी अवैध चार्जिंग पॉइंट हैं, सब बंद होने चाहिए। इन नियमों का सख्ती से पालन भी होना चाहिए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। केंद्र सरकार इस विषय पर राज्यों की जवाबदेही तय करे। हमें सुविधा और रफ्तार चाहिए, लेकिन जिम्मेदारी के साथ।

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