Bhopal News, 14 अप्रैल : मध्य प्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली गांव में जैन मुनियों पर हुए हमले ने राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन, राजनीतिक निंदा और जन आक्रोश देखने को मिल रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नीमच जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र में छह हमलावरों ने रविवार देर रात तीन जैन मुनियों पर उस समय हमला किया, जब वे अपनी पदयात्रा के दौरान सिंगोली रोड स्थित हनुमान मंदिर में विश्राम कर रहे थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण हमला दर्शाता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था किस हद तक चरमरा गई है। अगर जैन संत जैसे पूर्ण अहिंसा और त्याग के प्रतीक भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आमजन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
हालांकि पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और सार्वजनिक रूप से परेड भी करवाई, फिर भी सिंगोली कस्बे में पूर्ण बंद का आयोजन कर जनता ने हमले का विरोध किया।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने बताया कि “हमले की शाम ही त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।”
फिर भी यह घटना प्रदेश में बढ़ती असुरक्षा की भावना और गिरती कानून व्यवस्था की ओर इशारा करती है।
जीतू पटवारी ने जिला कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग की है और उन्हें घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पटवारी ने घायलों का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, “भगवान महावीर के अनुयायियों के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य बेहद निंदनीय है। प्रदेश में नशे और अराजकता को संरक्षण देने वाली सरकार के कारण आज संतों तक की सुरक्षा खतरे में है।”
हमले की पूरी घटना:
पुलिस के अनुसार, तीन जैन मुनि — शैलेश मुनि जी, बलभद्र मुनि जी और मुनिंद्र मुनि जी नीमच जिले के कछाला गांव के एक हनुमान मंदिर में रात के विश्राम पर रुके थे। उसी दौरान छह युवक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे और मंदिर के बाहर शराब पीने लगे।
फिर उन्होंने मुनियों से पैसे की मांग की, और इंकार करने पर लाठियों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
घायल मुनियों ने रात में इलाज से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें सोमवार सुबह जैन स्थानक भवन ले जाया गया।
हमले में एक मुनि के पीठ और कंधे पर गहरे घाव आए हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रहने वाले हैं। दो हमलावरों को स्थानीय लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि चार भागने में सफल रहे।
एक जैन मुनि की बहादुरी की भी सराहना हो रही है, जो मदद के लिए भागकर सड़क पर पहुंचे और एक बाइक सवार से संपर्क कर जैन समुदाय को सूचना दिलवाई। कछाला गांव के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और दो हमलावरों को पकड़ लिया।
पुलिस टीम, एसपी जायसवाल के नेतृत्व में तुरंत मौके पर पहुंची और एफआईआर दर्ज की। एक वीडियो में एसपी को शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भी देखा गया।


