जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और कई अन्य घायल होने के बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय ने गहरा शोक और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता के साथ विरोध दर्ज कराया। शुक्रवार की नमाज़ के दौरान मुस्लिम समुदाय ने काली पट्टियाँ पहनकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की।
हैदराबाद, दिल्ली, भोपाल, वाराणसी और लखनऊ जैसे शहरों की मस्जिदों में जुमे की नमाज़ के दौरान नमाज़ियों ने अपने बाजुओं पर काली पट्टियाँ बांधकर आतंक के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
हैदराबाद में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शास्त्रीपुरम की एक मस्जिद में नमाज़ से पहले नमाज़ियों को काली पट्टियाँ बांटीं। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
राजधानी दिल्ली में एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शुऐब जमई ने भी शुक्रवार की नमाज़ के दौरान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
जमई ने कहा, “पहलगाम में जो हुआ, वह देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले आतंकियों पर लानत है।” उन्होंने भी विरोध स्वरूप काली पट्टी पहनी थी।
भोपाल में भी नमाज़ी काली पट्टियाँ पहनकर मस्जिदों में पहुंचे। समुदाय के एक युवक ने कहा, “हम पहलगाम हमले के विरोध में काली पट्टियाँ पहनकर नमाज़ अदा करेंगे।”
एक अन्य ने कहा, “अगर सरकार पाकिस्तान जैसे निर्दयी देश को सज़ा नहीं दे सकती, तो सरहद खोल दे — हम हिंदू-मुस्लिम मिलकर ऐसे देश को सबक सिखाएंगे। हम तो उसका नाम भी लेना नहीं चाहते।”
वाराणसी के नदेसर स्थित जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए और हमले में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। इसी तरह लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद में भी आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए विरोध प्रदर्शन हुआ।
इन सभी शहरों में नमाज़ियों ने देश में अमन और शांति के लिए भी दुआएँ कीं। एक उपस्थित व्यक्ति ने कहा, “हमने कश्मीर में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए और देश में शांति बहाल रहने की दुआ की।”


