बेलगावी (कर्नाटक) — कर्नाटक के बेलगावी ज़िले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मिर्गी की बीमारी से जूझ रही एक महिला की उसके पति और ससुरालवालों ने मिलकर कथित रूप से हत्या कर दी और उसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान रेणुका होनकांडे के रूप में हुई है, जो बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) की डिग्री धारक थीं। आरोपी पति संतोष होनकांडे, जो कि एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, ने इस हत्या की साजिश रची थी। इस साजिश को उसके माता-पिता, कमण्णा होनकांडे और जयंती होनकांडे ने अंजाम दिया। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हत्या की योजना इस प्रकार रची गई:
जयंती ने रेणुका को मंदिर ले जाने के बहाने मडुभावी गांव बुलाया। दिनभर वहीं रुकने के बाद दोनों रात को लौट रही थीं। गांव से लगभग चार किलोमीटर पहले मुख्य सड़क के पास बस से उतरने के बाद जयंती ने अपने पति कमण्णा को बाइक लेकर बुलाया।
जब तीनों लगभग एक किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर पहुंचे, तब कमण्णा और जयंती ने मिलकर रेणुका की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या को दुर्घटना दिखाने के लिए उन्होंने शव को बाइक से बांधकर लगभग 200 मीटर तक घसीटा।
इसके बाद उन्होंने अथानी पुलिस को सूचना दी कि रेणुका बाइक से गिरकर मर गई है। लेकिन जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई, न कि गिरने से।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस पूछताछ में कमण्णा ने अंततः अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद जयंती की संलिप्तता भी सामने आई और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरी साजिश के पीछे पति संतोष था, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया।
हत्या की वजह: बीमारी और संतान न होना
संतोष और रेणुका की शादी वर्ष 2020 में हुई थी और शुरुआती तीन साल तक दोनों के रिश्ते सामान्य थे। लेकिन जब संतोष को पता चला कि रेणुका मिर्गी की मरीज हैं और अब तक गर्भधारण नहीं कर पाई हैं, तो उसने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इसी दौरान संतोष महाराष्ट्र में एक अन्य महिला के संपर्क में आया और उसके साथ संबंध बना लिए।
जब वह महिला गर्भवती हो गई, तब संतोष ने रेणुका को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने माता-पिता के जरिए उसकी हत्या करवा दी, ताकि वह खुद पर कानूनी कार्रवाई से बच सके।
निष्कर्ष
इस घटना ने समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता और मानसिक बीमारियों को लेकर फैली असहिष्णुता को उजागर किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।


