बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बुधवार को कांग्रेस नेता उदित राज की उस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने लोकसभा सांसद शशि थरूर को “बीजेपी का सुपर प्रवक्ता” बताया था। पूनावाला ने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस को थरूर की उन बातों से तकलीफ क्यों हो रही है, जो देशहित में कही गई थीं, न कि किसी पार्टी विशेष के लिए।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब थरूर, जो वैश्विक आउटरीच कार्यक्रम के तहत एक बहु-दलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, पनामा यात्रा के दौरान भारत की evolving सुरक्षा नीति पर बोले। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत का आतंकवाद को लेकर रवैया बदला है और अब आतंकवादी समझते हैं कि उनके कृत्यों का अंजाम भुगतना पड़ेगा।
थरूर के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनकी आलोचना की।
उदित राज ने पोस्ट किया,
“मेरे प्रिय @ShashiTharoor, हाय री किस्मत! काश मैं प्रधानमंत्री मोदी को मना पाता कि आपको बीजेपी का सुपर प्रवक्ता घोषित कर दें, बल्कि विदेश मंत्री भी बना दें, वो भी भारत आने से पहले। आप कैसे यह कह सकते हैं कि पीएम मोदी से पहले भारत ने कभी LoC या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार नहीं की? 1965 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में कई जगह प्रवेश किया था, 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे। यूपीए सरकार के दौरान कई सर्जिकल स्ट्राइक हुईं, वो भी बिना राजनीति के। पार्टी ने आपको इतना कुछ दिया और आप इतने बेईमान कैसे हो सकते हैं?”
इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए शहजाद पूनावाला ने थरूर का बचाव किया और कांग्रेस पर पाखंड का आरोप लगाया।
आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा,
“जब पाकिस्तान की पोल अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुलती है, तब कांग्रेस को पेट में दर्द क्यों होता है? क्या इसलिए कि थरूर पार्टी लाइन से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित की बात कर रहे हैं? क्या भारत की बात करना अब बीजेपी की बात करना हो गया? थरूर सच बोल रहे हैं, तो उन पर हमला क्यों?”
पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने उदित राज को थरूर के खिलाफ बोलने को कहा।
उन्होंने कहा,
“यह पार्टी की राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नीति की बात है। थरूर ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। अगर भारतीय सेना की तारीफ करना और पाकिस्तान के कृत्यों की आलोचना करना कांग्रेस-विरोधी होना है, तो कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा,
“अगर कांग्रेस को भारत के पक्ष में बोलने या पाकिस्तान की आलोचना करने से दिक्कत है, तो यह उनके बारे में क्या कहता है? ऐसा लगता है कांग्रेस अब पाकिस्तान प्रशंसा पार्टी (PPP) बन गई है या पाकिस्तान का यूट्यूब चैनल चला रही है।”
पूनावाला ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के उस दावे पर भी बात की जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन से भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की अपील की थी।
उन्होंने कहा,
“दुबे ने यह उजागर किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान कैसे पाकिस्तान के साथ विदेशी मध्यस्थता के जरिए बातचीत की गई, जबकि वे इसके विपरीत दावा करते हैं। राहुल गांधी इतिहास को तोड़-मरोड़ कर जनता को गुमराह कर रहे हैं।”
उन्होंने भारत के इतिहास से अन्य उदाहरण देते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर सवाल उठाया।
पूनावाला ने कहा,
“पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम ने 1971 युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पीओके या करतारपुर को वापस लेने का आग्रह किया था। लेकिन दबाव में आकर इंदिरा गांधी ने युद्धविराम स्वीकार कर लिया। 1960 के दशक में भी हमने पाकिस्तान को काफी ज़मीन सौंप दी थी। इन सवालों के जवाब कौन देगा?”
बीजेपी नेता ने कांग्रेस के पुराने फैसलों पर भी सवाल उठाए।
“पीओके किसने गंवाया? सरदार पटेल की सिफारिशों को किसने नज़रअंदाज़ किया? अगर उनकी बात मानी जाती, तो आज पीओके की समस्या नहीं होती। हम संयुक्त राष्ट्र क्यों गए थे? कांग्रेस को इन सवालों का जवाब देना चाहिए,” उन्होंने अंत में कहा।


