पाकिस्तान की चर्चित और युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ की इस्लामाबाद स्थित आवास पर उनके ही एक रिश्तेदार ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना न केवल देशभर में आक्रोश का कारण बनी है, बल्कि पाकिस्तान में लंबे समय से चली आ रही ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) की समस्या पर भी फिर से चर्चा छेड़ दी है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चितराल (ऊपरी) की मूल निवासी सना को उनके घर मिलने आए एक पुरुष रिश्तेदार ने बेहद करीब से गोली मारी और वारदात के बाद तुरंत फरार हो गया।
समा टीवी के हवाले से पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने पहले सना से घर के बाहर थोड़ी बातचीत की और फिर घर के अंदर जाकर फायरिंग कर दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “आरोपी घर में घुसा, कई गोलियां चलाईं और भाग निकला।”
सना को दो गोलियां लगीं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस ने आरोपी की तलाश में मैनहंट शुरू कर दी है और हत्या के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है, जिनमें ऑनर किलिंग को एक प्रमुख एंगल माना जा रहा है। पाकिस्तान में यह समस्या तब और गहरी हो जाती है जब महिलाओं की स्वतंत्रता और सार्वजनिक उपस्थिति सामने आती है।
सना यूसुफ एक उभरती हुई डिजिटल स्टार थीं, जिनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। वे अपने लाइफस्टाइल कंटेंट, चितराल की संस्कृति पर आधारित वीडियो, और महिला अधिकारों व शिक्षा के लिए अपने मुखर रुख के लिए जानी जाती थीं।
वह खासकर युवाओं, खासकर लड़कियों को प्रेरित करने वाले वीडियो और संदेश साझा करती थीं। उनके काम ने उन्हें न केवल चितराल में, बल्कि पूरे देश में पहचान दिलाई थी।
उनकी हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। #JusticeForSanaYousuf जैसे हैशटैग्स इंस्टाग्राम और X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रेंड कर रहे हैं।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, एक्टिविस्ट्स और आम नागरिक बड़ी संख्या में सना को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
सना एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता की बेटी थीं और उन्होंने हमेशा अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर आवाज़ उठाने के लिए किया।
यह घटना एक अन्य टिकटॉक से जुड़े मामले की भी याद दिलाती है, जिसमें पाकिस्तान में एक पिता ने अपनी किशोरी बेटी की इसलिए हत्या कर दी थी क्योंकि वह सोशल मीडिया पर सक्रिय थी। पहले उस पिता ने अनजान हमलावरों पर आरोप लगाया था, लेकिन बाद में खुद ही अपराध कबूल कर लिया था।
सना की हत्या ने एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर किया है कि पाकिस्तान में महिलाएं यदि अपनी मर्जी से जिंदगी जीने या सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने की कोशिश करें, तो उन्हें जान का खतरा हो सकता है।
अब जब न्याय की मांग ज़ोर पकड़ रही है, तो कई लोग कानूनी सुधारों और ऑनर किलिंग जैसी हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि महिलाओं की जान केवल “सम्मान” के झूठे नाम पर यूं ही न छीनी जा सके।


