Jabalpur News। शहर की प्रतिष्ठित मानी जाने वाली खटवानी मोटर्स पर अब एक गंभीर आरोप लग चुका है—अपने ही मैनेजर के कथित अपहरण का। कोलकाता से आए एक व्यक्ति ने जबलपुर के पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय को इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एक लिखित शिकायत सौंपी है।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका रिश्तेदार अमित कुमार बैरागी, खटवानी मोटर्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। बीते कुछ महीनों से वह मानसिक रूप से काफी तनावग्रस्त और सहमा हुआ था। उसने अपने परिवार को बताया था कि खटवानी मोटर्स द्वारा टैक्स चोरी की गई गाड़ियों को अवैध रूप से पुणे आरटीओ की मिलीभगत से बेचा जाता है।
अंदरूनी खुलासे के चलते मिल रही थी धमकी
अमित ने यह भी बताया था कि उसने कंपनी की इस गतिविधि को लेकर कई बार आपत्ति जताई थी। लेकिन इसके बदले में उसे धमकियां मिलना शुरू हो गईं। उसे स्पष्ट कहा गया कि अगर उसने यह नौकरी छोड़ी या इस बात की जानकारी बाहर दी, तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे।
अचानक हुआ गायब, गाड़ी समेत किडनैपिंग का शक
कुछ दिनों पहले अमित अचानक गाड़ी समेत लापता हो गया। परिजनों द्वारा कई प्रयासों के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। परिजनों को आशंका है कि उसका किडनैप खटवानी ग्रुप द्वारा ही किया गया है, ताकि वह इस गैरकानूनी धंधे की जानकारी किसी को न दे सके।
पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया आवेदन
थक हारकर कोलकाता से आए अमित के बहनोई ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर, डी. खटवानी ग्रुप पर सख्त कार्यवाही की मांग की है और अमित की जल्द बरामदगी की अपील की है।
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प्रशासन पर सवाल और जांच की मांग
इस पूरे मामले ने शहर के नामी वाहन डीलरशिप ग्रुप पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सिर्फ व्यवसायिक अनैतिकता नहीं, बल्कि आपराधिक षड्यंत्र और मानवाधिकारों का उल्लंघन बनता है।
पुलिस अब इस शिकायत की प्राथमिक जांच कर रही है और माना जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और वाहन ट्रैकिंग के जरिए इस मामले की गहन छानबीन की जाएगी।


