Jabalpur News, 7 जुलाई : मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना परिसर में हत्या के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने विवाद को जन्म दे दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्वतंत्र जांच के आदेश दे दिए हैं।
मृतक की पहचान लोचन लोधी के रूप में हुई है, जिसने पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात बेलखेड़ा थाना परिसर में जहर खा लिया, और इलाज के दौरान सरकारी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
लोचन, 1 जुलाई को बेलखेड़ी गांव में एक महिला की पेड़ से लटकी लाश मिलने के मामले में मुख्य दो संदिग्धों में से एक था। महिला 29 जून से लापता थी और उसी दिन परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
लोचन की मौत के बाद रविवार को उसके परिजन उसका शव थाने के बाहर रखकर प्रदर्शन पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि लोचन को पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की, जिससे तंग आकर उसने जहर खा लिया।
लोचन के भाई रूप सिंह ने मीडिया से कहा, “पुलिस ने लोचन को हत्या के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था और थाने में बेरहमी से पीटा। उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। हम इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।”
इस आरोप पर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सूर्यकांत शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लोचन ने थाने परिसर में एक पेड़ के नीचे जहर खाया, और खुद पुलिस को इसकी सूचना दी।
“पुलिस ने तत्काल उसे नर्मदा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने कुछ ग्रामीणों पर भी लोचन को पीटने का आरोप लगाया है, जिसकी हम जांच कर रहे हैं,” शर्मा ने IANS को बताया।
पुलिस ने आगे जानकारी दी कि 29 जून को बृजेश लोधी नामक व्यक्ति ने बेलखेड़ी थाने में बताया कि उसकी मां 28 जून को खेत में उड़द की फसल काटने गई थी और घर नहीं लौटी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लोचन लोधी और प्रदीप ठाकुर उस महिला को परेशान करते थे, और इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक भी हुई थी।
एएसपी शर्मा ने बताया कि “5 जुलाई को लोचन को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। लेकिन 6 जुलाई को वह फिर थाने आया और जहर खा लिया, जिसकी सूचना उसने खुद पुलिस को दी।”
पुलिस अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


