हैदराबाद, 14 जुलाई : तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरी जिले में एक बीसी गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल की कक्षा 5 की छात्रा ने कथित रूप से हॉस्टल की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार को जिले के चौटुप्पल मंडल के तुप्रानपेट में स्थित ज्योतिबा फुले हॉस्टल में हुई।
छात्रा की पहचान संध्या के रूप में हुई है, जो इमारत की चौथी मंजिल से कूदी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
संध्या महबूबनगर की रहने वाली थी और रिपोर्ट्स के अनुसार, वह हॉस्टल में रहने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन उसके माता-पिता ने जबरन उसका दाखिला कराया था। दाखिले के एक दिन बाद ही उसने यह चरम कदम उठा लिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद और जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) ने इस घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक और छात्रा ने गुरुकुल हॉस्टल में अपनी जान ले ली, जो कांग्रेस सरकार की विफलता को दर्शाता है।
केटीआर ने कहा कि बच्चे कीड़े लगे भोजन से पीड़ित हैं और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हॉस्टलों में रह नहीं पा रहे हैं। अंततः वे आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। उन्होंने इसे गुरुकुल हॉस्टलों की दयनीय स्थिति का उदाहरण बताया।
उन्होंने दावा किया कि अब तक गुरुकुल हॉस्टलों के 90 छात्रों की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी उदासीन बने हुए हैं।
बीआरएस नेता ने लिखा कि अगर मुख्यमंत्री ने गुरुकुल हॉस्टलों में हो रही इन मौतों को नहीं रोका, तो कांग्रेस सरकार को माता-पिता का श्राप लगेगा और वह गिर जाएगी।
इस बीच, नलगोंडा जिले के देवरकोंडा मंडल के मुडिगोंडा स्थित एक आदिवासी बालिका रेजिडेंशियल स्कूल की 35 छात्राएं कथित रूप से दूषित भोजन के कारण बीमार हो गईं। छात्राओं को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद देवरकोंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।


