Anuppur News – अनूपपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप्स के जरिए ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने 11X Play और My Fair Play जैसे एप्स के ज़रिए भोले-भाले लोगों को पैसे दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर लाखों की ठगी की। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं।
गिरोह की कार्यप्रणाली महादेव सट्टा एप से प्रेरित थी, जहां से उन्होंने ठगी की तकनीक सीखी। गिरोह ने पहले लोगों को मामूली मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता और फिर बड़े निवेश करवा कर ठगी को अंजाम दिया।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान को जिले में ऑनलाइन ठगी की सूचना मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम बनाई गई। 12 जुलाई को हुई पहली गिरफ्तारी में दीपक राठौर निवासी अनूपपुर ने 5 हजार की ठगी की रिपोर्ट की थी। पूछताछ में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जिनकी तलाश कर टीमों ने सात लोगों को गिरफ्तार किया।
इंदौर से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पूछताछ के दौरान सामने आया कि गिरोह का मुख्य संचालन इंदौर के प्लेटिनम पैराडाइज कॉलोनी स्थित एक फ्लैट से हो रहा था। पुलिस ने वहां दबिश दी और प्रवीण पंडित (बिहार), सानित मानिकपुरी (डिंडौरी), सारिक अली, रोहित जोशी, आकाश कटारे (भिलाई) को गिरफ्तार किया।
उनके पास से
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₹25,000 नकद
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40 बैंक पासबुक
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13 मोबाइल
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3 टैबलेट
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20 सिम कार्ड
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55 एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
महादेव सट्टा एप से मिला अनुभव
गिरफ्तार आरोपी पहले महादेव सट्टा एप में काम कर चुके थे। वहां से प्रशिक्षण लेकर अब नए गेमिंग एप्स बना रहे थे और उसी अनुभव का उपयोग कर लोगों को ठग रहे थे। शुरू में मामूली लाभ देकर विश्वास दिलाया जाता था और फिर मोटी रकम निवेश कराई जाती थी। एसपी ने बताया कि गिरोह के बैंक खातों में दैनिक 10 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन होता था।
और भी खुल सकते हैं राज
पुलिस ने बताया कि कोतमा नगर इस पूरे साइबर फ्रॉड का एक बड़ा केंद्र बनकर सामने आया है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही 5 से 7 और गिरफ्तारियां संभावित हैं। कई बैंक खाताधारकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने गेमिंग एप के लिए खाते उपलब्ध कराए थे।
एसपी मोती उर रहमान और एएसपी इसरार मंसूरी के निर्देशन व एसडीओपी सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में की गई इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क को उजागर कर दिया है। पुलिस इस मामले में और भी गहरी जांच कर रही है।


