Madhya pradesh online attendance news — मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अब प्रदेश भर के अतिथि शिक्षकों को हर दिन स्कूल पहुंचते ही ‘हमारे शिक्षक’ मोबाइल ऐप पर ई-अटेंडेंस अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों को 18 जुलाई से मानदेय से वंचित कर दिया जाएगा।
80% शिक्षक नहीं कर रहे पालन
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025–26 में आमंत्रित सभी अतिथि शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस जरूरी कर दी गई है। लेकिन विभाग के अनुसार, अभी तक लगभग 80 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों ने यह व्यवस्था नहीं अपनाई है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश
संचालक श्री केके द्विवेदी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर संकुल प्राचार्यों और शाला प्रभारियों के माध्यम से ई-अटेंडेंस सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “जो भी अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगाएगा, उसका मानदेय रोका जाएगा।”
समीक्षा में खुली पोल
विभाग द्वारा हाल ही में विभिन्न जिलों में की गई समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में 10 से 20 प्रतिशत से अधिक अतिथि शिक्षकों ने अब तक ऐप पर उपस्थिति नहीं लगाई है। वहीं अनूपपुर जिले की स्थिति सबसे खराब रही, जहां एक भी शिक्षक ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की।
पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में कदम
शिक्षा विभाग का कहना है कि ई-अटेंडेंस प्रणाली शिक्षकों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। विभाग अब इस पर सख्ती से अमल कर रहा है।
विरोध भी हुआ शुरू
हालांकि इस फैसले का कुछ शिक्षकों द्वारा विरोध भी किया जा रहा है, लेकिन विभाग ने दो टूक कहा है कि “नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।”
संक्षेप में:
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18 जुलाई से अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस अनिवार्य
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अनुपालन न करने पर मानदेय नहीं मिलेगा
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80% शिक्षकों ने अब तक नहीं की उपस्थिति दर्ज
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अनूपपुर में एक भी शिक्षक ने ई-अटेंडेंस नहीं लगाई
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शिक्षा विभाग ने जिलों को भेजे कड़े निर्देश
यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाएगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक की जवाबदेही में भी सुधार लाएगा।


