Bhopal News। मध्य प्रदेश पुलिसकर्मियों के लिए अब ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनकर रील बनाना भारी पड़ सकता है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वर्दी में रील बनाना सिविल सेवा आचरण संहिता का उल्लंघन है और इसके लिए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी मकवाणा ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वर्दी में रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर निगरानी रखी जाए और ऐसा करते पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस, निंदा, सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि, विभागीय जांच, स्थानांतरण, और निलंबन जैसी कार्रवाइयां की जाएं। मामले की गंभीरता के आधार पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है।
यह सख्ती ऐसे समय पर आई है जब पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज़ के लालच में वर्दी में रील बनाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही थी। हाल ही में रीवा जिले की सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा की एक रील वायरल हुई थी, जिसमें वे थाने में गाने पर वीडियो बना रही थीं। इस घटना के बाद डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक कर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने कहा कि वर्दी एक अनुशासन का प्रतीक है, और पुलिसकर्मियों को इसे बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “कम से कम वर्दी में रहते हुए रील नहीं बनाना चाहिए।” रीवा DIG राजेश चंदेल ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने जोन के सभी SP को पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रील के कंटेंट की प्रकृति के आधार पर कार्रवाई तय होगी। अगर रील में अश्लीलता, असंसदीय भाषा, या पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व शामिल होंगे तो निलंबन और बर्खास्तगी जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
अनुशासनहीनता पर राज्य सरकार का सख्त रुख
पुलिस विभाग जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अनुशासन सर्वोपरि होता है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी वर्दी में रील बनाने की प्रवृत्ति पर लगाम कस दी गई है। इसके अलावा थानों में आने वाले अन्य व्यक्तियों द्वारा भी वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर डालने के मामले सामने आए हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हैं।
डीजीपी के निर्देश के मुख्य बिंदु:
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वर्दी में रील बनाना अनुशासनहीनता की श्रेणी में
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संबंधित पुलिसकर्मियों पर होगी निंदा, कारण बताओ नोटिस, विभागीय जांच
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सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि, स्थानांतरण, निलंबन या बर्खास्तगी तक की कार्रवाई
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सभी SP को सतर्क रहने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश


