Jabalpur News। कैंट विधायक अशोक रोहाणी ने गत दिवस स्थित शासकीय विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने छत पर लगे सोलर पैनलों के कारण हो रही सीपेज और पानी भरने की गंभीर समस्या का संज्ञान लिया। दरअसल, मध्यप्रदेश शासन की 150 किलोवाट सोलर जनरेशन योजना के तहत कॉलेज की छत रतन इंडिया नामक कंपनी को उपलब्ध कराई गई थी। कंपनी ने एमपीबी (MPB) के साथ टाई-अप कर कार्य शुरू किया था।
हालांकि प्रारंभिक स्वीकृति केवल 150 किलोवाट की थी, लेकिन कंपनी ने खाली छत का लाभ उठाकर 266 किलोवाट के पैनल स्थापित कर दिए, जिससे छत पर अतिरिक्त भार पड़ गया और रिसाव शुरू हो गया। सीपेज के चलते कई कमरों में पानी भरने की स्थिति बन गई है।
कॉलेज प्रबंधन ने लगातार पत्राचार के माध्यम से संबंधित एजेंसियों और एमपीबी को अवगत कराया, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अनुबंध में स्पष्ट शर्त थी कि यदि इंस्टॉलेशन से कोई नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई कंपनी द्वारा की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग के एक अन्य एमओयू के तहत दूसरी कंपनी 65 किलोवाट बिजली का उत्पादन कर रही है, लेकिन कॉलेज को उससे भी कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल रहा। अब प्रशासन की मांग है कि या तो तत्काल सीपेज की मरम्मत कराई जाए या सोलर पैनल हटाए जाएं।


