Uttar Pradesh News। धनारी थाना पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर एक ऐसे अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पिछले तीन साल से ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली देसी घी, नमक और कॉफी तैयार कर बड़े पैमाने पर बाजार में खपा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई में 923 लीटर नकली देसी घी, पैकिंग सामग्री, रैपर, ढक्कन और घी बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
कार्रवाई का विवरण
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे धनारी थाना क्षेत्र के सुल्तानगढ़–पाठकपुर मार्ग पर खजुरा मोड़ के पास पुलिस और एसओजी टीम संयुक्त चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक टाटा मैजिक वाहन और स्विफ्ट डिजायर कार में बड़ी मात्रा में नकली देसी घी और अन्य सामान ले जाया जा रहा है। पुलिस ने वाहनों को रोककर तलाशी ली तो टाटा मैजिक से 41 गत्ते की पेटियां बरामद हुईं, जिनमें 900 एमएल पैक में नकली अमूल घी और 15 किलोग्राम के 20 टिन मधुसूदन ब्रांड के नकली घी के मिले। साथ ही टाटा नमक, नेस्कैफे कॉफी, विभिन्न कंपनियों के रैपर और पैकिंग गत्ते भी बरामद किए गए। स्विफ्ट कार से भी तीन पेटी नकली अमूल घी मिला।
गिरोह का नेटवर्क और तरीका
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह मेरठ और बागपत जिले के पांच आरोपियों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो बागपत के बड़ौत कस्बे में एक फैक्ट्री में रिफाइंड और डालडा में देसी घी की खुशबू वाला परफ्यूम मिलाकर नकली देसी घी तैयार करते थे। तैयार घी को अमूल, मधुसूदन, मदर डेयरी और अन्य कंपनियों के नाम से पैक किया जाता था। पैकिंग इतनी सटीक होती थी कि असली और नकली घी में फर्क करना मुश्किल था। आरोपी न केवल घी, बल्कि टाटा ब्रांड के नाम से नमक और नेस्कैफे ब्रांड की नकली कॉफी भी तैयार करते थे। हाल ही में उन्होंने एक्सपायर हो चुकी कॉफी को खरीदकर छोटे पाउच में पैक कर बेचना शुरू किया था।
गिरोह पिछले तीन साल में करीब 54 हजार लीटर नकली घी तैयार कर दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में सप्लाई कर चुका था। ये लोग संभल जिले में पहली बार आए थे और यहां भी सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। इनका तरीका यह था कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में फेरी करने वाले विक्रेताओं और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में इस्तेमाल के लिए माल बेचते थे, ताकि आसानी से पकड़ में न आएं।
फैक्ट्री से बरामदगी
मुख्य आरोपी प्रवीण जैन की निशानदेही पर बागपत के बड़ौत स्थित उसके घर में छापेमारी की गई, जहां से गैस चूल्हा, सिलेंडर, वेट मशीन, पैकिंग मशीन, फेविकोल के डिब्बे, रैपर प्रिंटिंग का सिस्टम, अमूल और मधुसूदन के ढक्कन और अन्य पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी रैपर और पैकिंग सामग्री खुद तैयार करते थे तथा कुछ सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में आशु जैन, सुदेश जैन (दोनों निवासी मेरठ), चालक आबिद (मेरठ), प्रवीण जैन और अरुण कुमार (दोनों निवासी बागपत) शामिल हैं। इनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन की जांच कर रही है। संबंधित ब्रांड कंपनियों को भी इस बारे में सूचित किया जाएगा, ताकि वे अपनी ओर से कानूनी कार्रवाई कर सकें।


