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September 19, 2026
सी टाइम्स
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पूजा पाल ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- मुख्यमंत्री बनने के लिए अपराधियों को रहे संरक्षण, पीढ़ियां नहीं करेंगी

पूजा पाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, कहा- मुख्यमंत्री बनने के लिए अपराधियों को रहे संरक्षण,आने वाली पीढ़ियां नहीं करेंगी

Pooja Pal , 25 अगस्त। चायल विधानसभा क्षेत्र की विधायक पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाया और पलटवार किया। अपने पति राजू पाल की हत्या के दर्द को याद करते हुए पूजा पाल ने एक पत्र के माध्यम से अखिलेश यादव को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने सपा की अपराधियों को संरक्षण देने की नीति और सपा से खुद के निष्कासन को लेकर तीखा हमला बोला।

यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पूजा ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई और कहा कि जब मेरे पति की हत्या हुई उस समय राज्य में समाजवादी पार्टी की ही सरकार थी, इसलिए मुझे भय है कि समाजवादी पार्टी के पोषित माफिया गुंडे मेरी हत्या करा सकते हैं। पूजा पाल ने पत्र में लिखा कि 2005 में उनके पति राजू पाल की सपा शासनकाल में दौड़ा-दौड़ाकर हत्या की गई थी। उस समय प्रयागराज के मुख्य मार्गों पर एके-47 से घंटों फायरिंग कर आतंक फैलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने उनके और उनके पति के खिलाफ माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को तीन चुनावों में प्रत्याशी बनाकर विरोध किया।

उन्होंने कहा कि जब मुझे सहारे की जरूरत थी, तब सपा ने मेरे पति के हत्यारे को मेरे खिलाफ खड़ा किया। लेकिन मेरे क्षेत्र की जनता और पाल समाज ने मेरा साथ दिया और सपा के अपराधी प्रत्याशियों को हराया। पूजा ने इस समर्थन के लिए जनता और पाल समाज का आभार जताया। अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा कि सपा ने पूजा को टिकट देकर विधायक बनाया, लेकिन भाजपा ने उनका विरोध किया, पूजा ने स्पष्ट किया कि उनकी कोई महत्वाकांक्षा मंत्री बनने की नहीं थी। मेरा उद्देश्य पति के हत्यारों को सजा दिलाना था।

योगी सरकार ने मुझे न्याय दिया और हत्यारों को मिट्टी में मिला दिया। लेकिन सपा आज भी अपराधियों को दूध पिलाकर पाप कर रही है, जिसे आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी। पूजा पाल ने अपने निष्कासन के कारण को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि समाज में यह भ्रम है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण उन्हें सपा से निकाला गया। यह गलत है। मेरा निष्कासन तब हुआ जब मैंने सदन में माफिया अतीक अहमद का नाम लिया। सपा अपराधियों की बुराई बर्दाश्त नहीं कर सकी।

उन्होंने दावा किया कि इस कदम से अतीक अहमद के परिवार का मनोबल बढ़ा है, जिसमें अभी भी दर्जनों अपराधी मौजूद हैं। हालांकि मौजूदा योगी सरकार के दबाव में वे चुप हो सकते हैं, लेकिन सपा के इस कदम से उनकी हिम्मत बढ़ी है, जिससे मुझे अपनी जान का खतरा है। पूजा पाल ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश इसका अर्थ बार-बार बदलते हैं। मैं एक छोटी, अभागी, बेसहारा पाल समाज की बेटी हूं।

आप राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हैं, फिर भी पीडीए पर स्थिर नहीं रह पाते। उन्होंने सपा प्रदेश अध्यक्ष के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भी जांच की मांग करती हैं। मुझे गृह मंत्री पर अटूट विश्वास है। इसकी जांच होनी चाहिए। अखिलेश के उस बयान पर कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पूजा को खतरा कैसे बढ़ गया, पूजा ने पलटवार किया। मेरे पति की हत्या सपा शासन में हुई थी। तब से आज तक किसी भी सरकार में ऐसा अपराध नहीं हुआ।

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