Jabalpur News Today। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने शनिवार को राजस्व अधिकारियों की अहम बैठक में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के किसी भी राजस्व न्यायालय परिसर में एजेंट या दलाल घूमते हुए दिखाई नहीं देने चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को आदेश दिया कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल करने पर जोर देते हुए कहा कि रिकॉर्ड की स्कैनिंग का काम तुरंत शुरू किया जाए, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, जिले के सभी तालाबों के सीमांकन को प्राथमिकता देने और सीमाओं पर स्थायी चिन्ह (मुनारे) लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन चिन्हों से छेड़छाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने बैठक में तहसीलवार प्रगति की समीक्षा भी की। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और सरकारी वसूली जैसे मामलों की स्थिति पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई। फार्मर रजिस्ट्री के काम में सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने छह पटवारियों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, अवैध कॉलोनियों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और सरकारी योजनाओं — धारणाधिकार योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा सीएम हेल्पलाइन — के लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने को भी कहा गया।
बैठक में अपर कलेक्टर मिशा सिंह, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक गहलोत, एडीएम नाथूराम गोड सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर के इस सख्त रुख से उम्मीद है कि राजस्व कार्यों में तेजी आएगी और आमजन को एजेंट-दलालों के दबाव से राहत मिलेगी।


