July 26, 2026
सी टाइम्स
टेक्नोलॉजीप्रादेशिक

जबलपुर – छात्रों ने बनाया फेक न्यूज रोकने वाला सॉफ्टवेयर, साइबर सेल को देगा अलर्ट

Jabalpur news। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज, अफवाहों और धमकियों से निपटने के लिए जबलपुर के दो इंजीनियरिंग छात्रों ने अनोखी तकनीकी पहल की है। दोनों ने ऐसे सॉफ्टवेयर विकसित किए हैं जो संदिग्ध कंटेंट को पहचानकर सीधे साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट भेजते हैं।

ज्ञान गंगा इंस्टीट्यूट के छात्र हर्ष कुमार ने ‘अस्त्र AI’ नामक एप्लिकेशन तैयार किया है। यह एप्लिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही देशविरोधी और धार्मिक रूप से आपत्तिजनक पोस्ट्स को शुरुआती स्तर पर पहचान लेता है। जैसे ही कोई संदिग्ध कंटेंट मिलता है, यह स्वचालित रूप से साइबर क्राइम सेल को अलर्ट भेज देता है। हर्ष ने बताया कि यह प्रोजेक्ट उन्हें साइबर सेल से मिली चुनौती के तहत मिला था और एप्लिकेशन का फोकस शुरुआती स्तर पर ही फेक न्यूज और हेट स्पीच को रोकना है।

वहीं, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर के छात्र आयुष ने ‘हॉक’ नाम की वेबसाइट बनाई है। यह प्लेटफॉर्म ट्विटर, टेलीग्राम और ईमेल पर आने वाले हिंसा या धमकी से जुड़े मैसेजेस को ट्रैक करता है। इसमें मौजूद AI मॉडल संदेश का खतरे का स्तर तय करता है। यदि कोई गंभीर धमकी मिलती है, तो ‘हॉक’ तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट भेज देता है।

इन दोनों प्रोजेक्ट्स का जबलपुर साइबर सेल ने सफल परीक्षण भी किया। ट्रायल के दौरान भारत विरोधी टिप्पणियां और पोस्ट्स की गईं, जिन्हें सिस्टम ने तुरंत पहचान लिया। अब तक 100 से अधिक पोस्ट्स को सफलतापूर्वक ट्रैक किया जा चुका है और इसकी सटीकता 97.5% पाई गई है। खास बात यह है कि ये सॉफ्टवेयर केवल सार्वजनिक डेटा का ही उपयोग करते हैं, जिससे किसी की निजी जानकारी सुरक्षित रहती है।

जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की AI विभाग प्रमुख डॉ. आज्ञा मिश्रा ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि –
“ये तकनीकें समस्या नहीं, बल्कि समाधान बनकर सामने आई हैं। यह टेक्नोलॉजी के सकारात्मक उपयोग का बेहतरीन उदाहरण है।”

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