July 26, 2026
सी टाइम्स
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जबलपुर में दुर्गोत्सव के दौरान बिजली की लापरवाही से तीन की मौत: खुले तारों में दौड़ रही बिजली

 

Jabalpur News Today – जबलपुर में दुर्गोत्सव के दौरान पंडालों में की गई लापरवाह विद्युत साज-सज्जा ने अब तक तीन लोगों की जान ले ली है, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। पिछले चार दिनों में हुए इन हादसों ने यह साफ कर दिया है कि आयोजक समितियों ने सुरक्षा के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की थीं। भले ही पंडालों के लिए टीसी (टेम्परेरी कनेक्शन) लिए गए थे, लेकिन असल में अवैध और असुरक्षित तरीके से बिजली कनेक्शन जोड़कर लाइटिंग की जा रही थी।

बरगी हिल्स स्थित पीएचई कॉलोनी के पास लगे एक पंडाल में बच्चों की जान इसी तरह के खुले तारों और करंट दौड़ते लोहे के खंभों के कारण गई। यहां लाइट लगाने के लिए सड़क के दोनों ओर लोहे के पाइप लगाए गए थे, जिनमें झालर टांगी गई थी। तारों को टेप से सुरक्षित करने के बजाय कपड़े की चुनरी से बांध दिया गया था। हल्की बारिश और हवा के चलते तार खंभों से टकराए और उनमें करंट फैल गया। इसी दौरान 8 वर्षीय आयुष झारिया और 10 वर्षीय वेद श्रीवास ने खेलते समय एक खंभे को छू लिया और करंट लगने से मौके पर ही गिर पड़े। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आयोजन समिति ने बिजली विभाग से टीसी कनेक्शन तो ले रखा था, लेकिन वास्तविक लाइटिंग अवैध कनेक्शन से की जा रही थी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके की जांच में पाया कि तीन अलग-अलग अवैध कनेक्शन लिए गए थे—एक पंडाल के लिए, दूसरा हैलोजन लाइट के लिए और तीसरा सड़क की झालरों के लिए। इन कनेक्शनों में कहीं भी सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया गया था।

बिजली विभाग के सहायक अभियंता दिनेश पाल ने बताया कि कनेक्शन करने वालों ने जगह-जगह तारों को काटकर जोड़ा था, और कई जगह नंगे तार खुले ही छोड़ दिए गए थे। यही वजह रही कि पूरे इलाके में 20 खंभों में करंट फैल गया था। घटनास्थल पर बल्ब की मदद से जांच की गई, जिसमें यह साफ हुआ कि खंभा और जमीन दोनों को टच करते ही बल्ब जल रहा था, जिससे करंट की पुष्टि हुई।

इस घटना के बाद स्थानीय विधायक और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गहरा दुख जताया और जिला प्रशासन को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है, जिसमें एसडीएम अनुराग सिंह, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ एस.के. शर्मा और पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी के सहायक यंत्री दिनेश पाल शामिल हैं। तीन दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह दुखद घटना यह दर्शाती है कि सार्वजनिक आयोजनों में नियमों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। बिना सुरक्षा मानकों के की गई विद्युत सजावट और अवैध कनेक्शन सीधे जानलेवा साबित हो रहे हैं। अगर अब भी सख्त निगरानी और जिम्मेदार कार्रवाई नहीं की गई, तो इस तरह की घटनाएं दुहराई जाती रहेंगी

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