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October 28, 2026
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जबलपुर – संस्कारधानी जबलपुर में ‘I Love Mohammad’ पोस्टर से मचा बवाल, प्रशासन सतर्क

Jabalpur News Today –  देश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में लगे ‘I Love Mohammad’ पोस्टरों की श्रृंखला अब मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर तक पहुंच गई है। शहर के नया मोहल्ला क्षेत्र स्थित मोहम्मदी गेट पर एक बड़ा पोस्टर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें अंग्रेज़ी में स्पष्ट रूप से लिखा है – “I Love Mohammad”।

इस पोस्टर को देखने के बाद न केवल स्थानीय जनता के बीच चर्चा तेज हुई है, बल्कि पुलिस का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। बताया जा रहा है कि यह पोस्ट सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थिति और संवेदनशील होती जा रही है।

हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति

इस पोस्टर को लेकर हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने इस तरह के पोस्टर को “शहर की फिजा के लिए अनुचित” बताया है। उन्होंने कहा, “जब पूरे देश में धार्मिक रूप से संवेदनशील माहौल बना हुआ है, ऐसे समय में नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर इस तरह के पोस्टर लगाना किसी साजिश की ओर इशारा करता है।”

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पोस्टर को तत्काल हटाया जाए और जांच की जाए कि किस उद्देश्य से इसे शहर के मुख्य मार्ग पर लगाया गया है। जैसवानी ने यह भी बताया कि हिंदू संगठनों ने भी ‘I Love Mahakal’ और ‘I Love Ram’ जैसे पोस्टर लगाए थे, लेकिन वह किसी विशेष भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं थे।

क्या है प्रशासन की तैयारी?

पोस्टर लगने की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस की खुफिया इकाइयों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल, पोस्टर लगाने वालों की पहचान और उनके मंशा की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही स्थिति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

माहौल संवेदनशील, पर संयम आवश्यक

जबलपुर जैसे शांतिप्रिय शहर में इस तरह की गतिविधि एक चिंता का विषय बनती जा रही है। धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस प्रकार के पोस्टर चाहे किसी भी समुदाय द्वारा लगाए जाएं, उन्हें राजनीतिक या सामाजिक विरोध का माध्यम बनाना कहीं न कहीं शहर के साम्प्रदायिक सौहार्द्र को चोट पहुंचा सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले में किस तरह से कार्रवाई करते हैं और क्या ऐसे पोस्टरों पर भविष्य में कोई दिशा-निर्देश जारी होते हैं या नहीं।

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