April 6, 2026
सी टाइम्स
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‘बिरयानी फॉर आतंकवादी’, कर्नाटक की जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया

नई दिल्ली/बेंगलुरु, 10 नवंबर । कर्नाटक की जेल में कथित रूप से सीरियल रेपिस्ट और आतंकवादियों को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी निंदा की है। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा इस्लामिक जिहादी आतंक के प्रति एक नरम और सॉफ्ट कॉर्नर अपनाया है, अब फिर उसी मानसिकता को दर्शा रही है। 

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “एक तरफ आतंकवाद पर हमला किया जा रहा है, आम नागरिकों को उनके नापाक मंसूबों से बचाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ कर्नाटक में आतंकवादी के लिए फोन, पार्टी और जलसा के आयोजन हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जेल में ‘बिरयानी फॉर आतंकवादी’ चल रहा है।

यासीन मलिक के साथ मनमोहन सिंह की तस्वीर को दिखाते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आतंकवादियों के प्रति नरम दिल रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “कभी राहुल गांधी जेएनयू में ‘टुकड़े-टुकड़े’ नारे लगाने वाले लोगों के साथ खड़े होते हैं। कभी याकूब मेमन के लिए कांग्रेस के मंत्री पैरवी करते हैं। कभी ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’ और हाफिज सईद को ‘हाफिज सईद साहब’ कहने का काम कांग्रेस करती है।”

शहजाद पूनावाला ने कहा कि यही दृश्य आपको दिखाते हैं कि कानून व्यवस्था के प्रति पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार की क्या सोच है और कांग्रेस के नेतृत्व में ‘इंडी’ अलायंस की क्या सोच है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री और जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु की परप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल में सीरियल रेपिस्ट और आतंकवादियों को मोबाइल फोन समेत अन्य वीआईपी सुविधाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक है कि जेल कर्मचारी विचाराधीन कैदियों और कुख्यात दोषियों को शाही सुविधा दे रहे हैं।”

सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने मीडिया से कहा, “आतंकवादी सिर्फ जेल में ही नहीं हैं, बल्कि विधान सौध (कर्नाटक विधानसभा) में और भी खतरनाक आतंकवादी हैं। आप मुझसे बेहतर जानते हैं कि वे कौन हैं।”

एचडी कुमारस्वामी ने आगे कहा, ““राज्य के लोग इस पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। परप्पना अग्रहारा में आतंकवादियों को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलना कोई नई बात नहीं है। पहले भी इसी मुद्दे पर दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के बीच झड़प हो चुकी है। बाद में एक अन्य मामले में अदालतों ने खुद जेल कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी की थी जो इस तरह की हरकतों में शामिल थे। फिर से, जेलों के अंदर वही घटनाएं दोहराई जा रही हैं।”

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